Wednesday , 5 August 2026

न अच्छा पति बन सका न पिता’….केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में लोकसभा सचिवालय के निदेशक ने किया सुसाइड, 15 पन्नों के पत्र में छलका दर्द

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में रहने वाले लोकसभा सचिवालय के निदेशक गौरव गौतम (40 वर्ष) ने अपने फ्लैट में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की जानकारी तब हुई जब उनकी पत्नी मायके से वापस लौटीं।

सूचना मिलने पर थाना फेस-2 पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को मृतक के पास से 15 पन्नों का एक भावुक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।

मायके से लौटीं पत्नी, दरवाजा न खुलने पर खुला खौफनाक राज

मिली जानकारी के अनुसार, घटना के समय गौरव गौतम घर में अकेले थे और उनकी पत्नी किसी काम से अपने मायके गई हुई थीं। जब वह वापस घर पहुंचीं, तो काफी देर तक फ्लैट की डोरबेल बजाने और लगातार फोन करने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।

अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने तुरंत सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड्स को बुलाया। गार्ड्स की मदद से जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा देख सभी के होश उड़ गए। गौरव गौतम कमरे में पंखे से लटके हुए थे। परिजन आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

15 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद, 70 लाख रुपये के कर्ज का जिक्र

घटना की सूचना मिलते ही थाना फेस-2 पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस को घटनास्थल से 15 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में गौरव गौतम ने अपनी इस दर्दनाक मौत के लिए किसी भी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट के मुताबिक मृतक पर लगातार बढ़ते खर्चों और आर्थिक तंगी के कारण लगभग ₹70 लाख का कर्ज हो गया था। इस भारी आर्थिक बोझ की वजह से वह लंबे समय से भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।

‘अच्छा पति और पिता न बन सका’

सुसाइड नोट में गौरव ने बेहद भावुक बातें लिखी हैं। उन्होंने लिखा कि वह एक अच्छे पति और अच्छे पिता साबित नहीं हो सके और इस बात का मलाल उन्हें हमेशा रहेगा। उनका एक 8 साल का इकलौता बेटा है।

पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

थाना फेस-2 के प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला विशुद्ध रूप से आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या का नजर आ रहा है। फिलहाल परिजनों की तरफ से किसी पर कोई शक या आरोप नहीं जताया गया है।

पुलिस इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि गौरव पर इतना भारी कर्ज किन परिस्थितियों में हुआ। फोरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटा लिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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