Monday , 3 August 2026

गाजियाबाद में सनसनीखेज वारदात: जानी-मानी मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका अग्रवाल ने 7वीं मंजिल से कूदकर की खुदकुशी, 18 महीने पहले हुआ था तलाक

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद जिले से एक बेहद हैरान और दुखी कर देने वाली खबर सामने आई है। राजनगर एक्सटेंशन स्थित हाईराइज सोसाइटी ‘ऑफिसर सिटी-2’ में रविवार देर शाम शहर की जानी-मानी मनोचिकित्सक (Psychiatrist) डॉ. हेमिका अग्रवाल ने सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत यशोदा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दूसरों को तनाव और डिप्रेशन से बाहर निकालने वाली डॉक्टर की इस तरह मौत की खबर से पूरे मेडिकल जगत और सोसाइटी में मातम पसरा हुआ है।

18 महीने पहले पति से हुआ था तलाक, अकेले रहती थीं फ्लैट में

मृतका के पिता डॉ. आर.के. चंद्रा भी गाजियाबाद के वरिष्ठ और नामचीन मनोचिकित्सक हैं। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में डॉ. चंद्रा ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले हेमिका का अपने पति से तलाक हो गया था। वैवाहिक जीवन में आए इस मोड़ के बाद से वह लगातार भारी मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) से जूझ रही थीं।

वह ऑफिसर सिटी-2 सोसाइटी के फ्लैट में अकेली रहती थीं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को जांच में फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद (Locked) मिला।

मौके से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट, फोरेंसिक जांच जारी

पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का ही नजर आ रहा है।

एसीपी के अनुसार:

“घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों और सोसाइटी के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।”

लोगों को देती थीं ‘स्ट्रेस फ्री’ रहने की सलाह, निधन से स्तब्ध हैं सोसाइटी वाले

सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि डॉ. हेमिका अग्रवाल बेहद ही सरल, मददगार और मिलनसार स्वभाव की महिला थीं। वह अक्सर लोगों को जीवन में सकारात्मक रहने और तनावमुक्त रहने की सलाह देती थीं। कई बार सोसाइटी के लोग मानसिक परेशानी होने पर उनसे परामर्श लेने पहुंचते थे, जिसके लिए वह कोई परामर्श शुल्क (Consultation Fee) भी नहीं लेती थीं।

जो डॉक्टर खुद दर्जनों लोगों का डिप्रेशन दूर करती थीं, वही अंदर ही अंदर इस कदर डिप्रेशन की शिकार हो जाएंगी, इस बात पर किसी को यकीन नहीं हो रहा है।

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