Monday , 21 September 2026

कठुआ हनीट्रैप कांड में सनसनीखेज खुलासे: लद्दाख से लेकर हाईवे पुलों की भेजीं तस्वीरें, घर पर स्मार्ट कैमरे लगवाकर बनाई ‘डिजिटल सर्विलांस पोस्ट’

 जम्मू जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सीमा पार से संचालित हनीट्रैप सिंडिकेट के चंगुल में फंसकर संवेदनशील जानकारियां लीक करने के आरोपी ट्रक चालक अमन कुमार से पूछताछ में कई हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों की संयुक्त तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि पाकिस्तानी खुफिया हैंडलर आरोपी ट्रक चालक का उपयोग भारतीय सेना के बुनियादी ढांचे, रणनीतिक सुरंगों और मूवमेंट रूट्स की तस्वीरें व वीडियो जुटाने के लिए कर रहे थे। आरोपी सांबा सैन्य छावनी की रेकी कर वहां की तस्वीरें सीमा पार भेज पाता, उससे पहले ही सतर्क सुरक्षा तंत्र ने उसे गिरफ्तार कर उसके मंसूबों को नाकाम कर दिया।

लद्दाख से गुवाहाटी तक आवाजाही का उठाया फायदा, भेजीं अहम सुरंगों की तस्वीरें खुफिया सूत्रों के अनुसार, मढ़ीन तहसील के सीमावर्ती गांव दोलियां जट्टां (कोटपुन्नू) का निवासी अमन कुमार अक्तूबर 2025 से सीमा पार बैठे पाकिस्तानी हैंडलरों के नियमित संपर्क में था। पेशे से ट्रक चालक होने के कारण वह लद्दाख, कश्मीर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ और असम के गुवाहाटी तक माल परिवहन करता था। इसी देशव्यापी आवाजाही का फायदा उठाकर विदेशी हैंडलरों ने उसे सामरिक महत्व के बुनियादी ढांचों की रेकी का जिम्मा सौंपा था। पूछताछ में पुष्टि हुई है कि उसने लद्दाख और कश्मीर को जोड़ने वाली रणनीतिक सुरंगों, ऊंचाई वाले संवेदनशील दर्रों, हाईवे पर बने अहम पुलों और प्रमुख टोल प्लाजा की तस्वीरें व वीडियो सीमा पार भेजे थे।

घर पर स्मार्ट 4जी कैमरे लगवाकर खड़ी कर दी ‘डिजिटल निगरानी चौकी’ इस पूरे जासूसी नेटवर्क का सबसे खतरनाक पहलू पाकिस्तानी हैंडलरों की हाई-टेक तकनीक थी। विदेशी एजेंट पारंपरिक जासूसी के बजाय भारतीय सीमावर्ती क्षेत्रों की चौबीसों घंटे लाइव फीड चाहते थे। इसके लिए हैंडलरों ने अमन को करीब 20,000 रुपये भेजे, जिससे उसने दो हाई-डेफिनिशन स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे खरीदे और अपने घर पर सड़क की ओर मुंह करके इंस्टॉल किए। ये दोनों कैमरे एक्टिव 4G सिम कार्ड से संचालित थे, जिससे उन्हें स्थानीय ब्रॉडबैंड या वाई-फाई की जरूरत नहीं पड़ी। इन कैमरों की सीधी एन्क्रिप्टेड वीडियो स्ट्रीमिंग पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को उपलब्ध कराई गई थी। इसके जरिए विदेशी हैंडलर भारतीय सीमावर्ती मार्ग से गुजरने वाले सैन्य काफिलों, तोपखाने की आवाजाही और सैनिकों की लाइव तैनाती पर बिना भारत आए चौबीसों घंटे नजर रख रहे थे।

मिलने का झांसा देकर बनाया मनोवैज्ञानिक दबाव जांच में यह भी सामने आया कि हनीट्रैप को अंजाम दे रही पाकिस्तानी महिला हैंडलर ने अमन को पूरी तरह अपने जाल में फंसाने के लिए शातिर मनोवैज्ञानिक खेल खेला। महिला हैंडलर ने अमन का भरोसा जीतने के लिए उसे दो बार जम्मू में व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, हैंडलर जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए जानती थी कि अमन उस वक्त दूसरे राज्यों में ट्रक चला रहा है और वह मिलने नहीं आ सकता। यह पूरा स्वांग केवल आरोपी को अपने विश्वास में लेने और उससे जासूसी का काम जारी रखवाने के लिए रचा गया था।

डिलीटेड डेटा की रिकवरी शुरू, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क व स्लीपर सेल पर नजर सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन से मिटाए गए डेटा, चैट बैकअप और विदेशी नंबरों की तकनीकी रिकवरी में जुटी हैं। प्राथमिक साक्ष्यों से साफ हुआ है कि आरोपी ने अपने घर के कैमरों का लाइव एक्सेस सीमा पार देकर देश की आंतरिक सुरक्षा को सीधे तौर पर खतरे में डाला था। वर्तमान में खुफिया एजेंसियां सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय अन्य ट्रांसपोर्टरों, संभावित सहयोगियों और स्लीपर सेल नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं ताकि इस साजिश की पूरी जड़ों को काटा जा सके।

 

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