Tuesday , 28 July 2026

सीजेपी के बाद अब सोशल मीडिया पर ‘ई-20 जनता पार्टी’ का दबाव: इथेनॉल-फ्री पेट्रोल की मांग को लेकर अभियान तेज़, 1.44 लाख से ज्यादा लोग जुड़े

नई दिल्ली। देश में नीट पेपर लीक मामले को लेकर चले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के उग्र आंदोलन और उसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब एक और नया डिजिटल नागरिक अभियान तेजी से सिर उठा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ‘एक्स’ (X) और इंस्टाग्राम पर ‘ई-20 जनता पार्टी’ (E-20 Janta Party) नाम से चलाए जा रहे एक अभियान ने बहुत कम समय में डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ताओं और वाहन चालकों का समर्थन हासिल कर लिया है।

हालांकि, यह कोई चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि देश की वर्तमान ‘ई-20 ईंधन नीति’ (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के विरोध और उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर शुरू किया गया एक व्यापक नागरिक डिजिटल आंदोलन है। सीजेपी के सफल जनआंदोलन के बाद सरकार इस नए डिजिटल अभियान को भी बेहद गंभीरता से देख रही है और हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है।

क्या हैं ई-20 जनता पार्टी की मुख्य मांगें?

इस नए अभियान का नेतृत्व कर रहे लोगों का कहना है कि वे देश के आम वाहन चालकों और मध्यम वर्ग की आवाज उठा रहे हैं। अभियान से जुड़े लोगों का तर्क है कि:

  • इथेनॉल-फ्री पेट्रोल का विकल्प मिले: यदि सरकार पर्यावरण सुरक्षा के तहत 20% इथेनॉल मिश्रित (E-20) पेट्रोल को बढ़ावा देना चाहती है, तो पेट्रोल पंपों पर 100% इथेनॉल-मुक्त (सामान्य) पेट्रोल का विकल्प भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

  • उपभोक्ता की पसंद का अधिकार: वाहन चालकों को यह आजादी होनी चाहिए कि वे अपने वाहन निर्माता की सिफारिश और इंजन की क्षमता के अनुसार सही ईंधन चुन सकें।

  • इंजन प्रदर्शन और आर्थिक नुकसान: अभियान के तहत जारी पोस्टों में कहा गया है कि आम आदमी के लिए गाड़ियां कोई प्रयोगशाला की मशीन नहीं हैं। खराब ईंधन गुणवत्ता से सीधे वाहनों के इंजन के प्रदर्शन और आम नागरिकों की जेब पर बुरा असर पड़ता है।

सीजेपी जैसी रणनीति, किसी राजनीतिक दल से जुड़ाव से इनकार

ई-20 जनता पार्टी ने खुद को पूरी तरह गैर-राजनीतिक और स्वतंत्र नागरिक मंच बताया है। उन्होंने किसी भी स्थापित राजनीतिक दल या संगठन से संबंध होने के दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि इस मुहीम का मुख्य उद्देश्य ईंधन नीति में पारदर्शिता लाना और ई-20 पेट्रोल के दुष्प्रभावों पर सार्वजनिक बहस आयोजित करना है।

हालांकि, जिस प्रकार ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने व्यंग्य और सोशल मीडिया के जरिए शुरुआत कर बाद में एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा खड़ा कर दिया था, ठीक उसी तर्ज पर ई-20 जनता पार्टी की कार्यशैली को भी देखा जा रहा है।

फॉलोअर्स में भारी उछाल, सरकार की नजर

इस अभियान की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते इसके सोशल मीडिया पेजों पर फॉलोअर्स की बाढ़ आ गई है। ‘एक्स’ (ट्विटर) पर इसके फॉलोअर्स महज 13 हजार से बढ़कर 45 हजार से अधिक हो गए हैं, वहीं इंस्टाग्राम पर यह संख्या 8,800 से उछलकर 1.44 लाख के पार पहुंच गई है।

सूत्रों के मुताबिक, इस नए डिजिटल अभियान की बढ़ती स्वीकार्यता ने शासन-प्रशासन के भीतर भी मंथन शुरू कर दिया है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर सरकार की तरफ से कोई बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन देश की ईंधन नीति और वाहन चालकों के अधिकारों को लेकर उपजी यह बहस आने वाले दिनों में क्या मोड़ लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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