नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में बने गहरे दबाव (डिप्रेशन) के चलते देश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस नए वेदर सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में झमाझम बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। जहां एक ओर सूखे का सामना कर रहे इलाकों को राहत मिली है, वहीं कई राज्यों में बाढ़ और जलभराव ने आफत खड़ी कर दी है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में दिखेगा असर, 10 से अधिक जिलों में अलर्ट
मध्य प्रदेश और राजस्थान में सोमवार से इस मानसूनी तंत्र का व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के 10 प्रमुख जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है।
उधर मध्य प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। सोमवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और रीवा समेत प्रदेश के सभी 55 जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। गौरतलब है कि राज्य में इस सीजन अब तक औसतन 13.2 इंच (334.9 मिमी) बारिश हुई है, जो कि सामान्य बारिश (15.5 इंच) की तुलना में करीब 15% कम है।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अलर्ट, नदियां उफान पर
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 75 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट घोषित किया है, जिनमें लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में ‘अत्यधिक भारी बारिश’ का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के 40 से अधिक शहरों में सुबह से ही काले बादल छाए हुए हैं।
बारिश के चलते घाघरा और शारदा समेत 4 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खराब मौसम और दृश्यता कम होने के कारण काठमांडू जाने वाली एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा।
पहाड़ी राज्यों में बारिश का कहर, गुजरात में सेना संभाली कमान
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश आफत बनकर टूटी है। 30 जून से 26 जुलाई के बीच राज्य में बारिश और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में 15 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। भारी तबाही के कारण कुल्लू, शिमला और मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां 135 से अधिक सड़कें अभी भी यातायात के लिए ठप हैं।
दूसरी ओर, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में भारी बारिश के बाद बने बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए सेना को मोर्चा संभालना पड़ा है। 21 और 22 जुलाई को हुई भीषण बारिश के बाद जलमग्न हुए इलाकों से भारतीय सेना ने पिछले तीन दिनों में 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया है।

मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम के असर से एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय मानसून ट्रफ, लो प्रेशर एरिया और डिप्रेशन के कारण 30 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। इस मानसून सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में 13.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है।
बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम के असर से राजस्थान में सोमवार से मानसून फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आज 10 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 जुलाई को कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। पिछले कुछ दिनों में बारिश का दौर कमजोर पड़ने और धूप निकलने से कई शहरों में अधिकतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है, जिससे गर्मी और उमस बढ़ गई है। श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 38.6°C तापमान दर्ज किया गया
उत्तर प्रदेश में सोमवार से मानसून फिर सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 16 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर लगातार बारिश के कारण गंगा, यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है।
घाघरा, शारदा समेत 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बलिया में एक सरकारी स्कूल और मकान नदी में समा गया, जबकि गोंडा में घाघरा के पानी में 100 बीघे से ज्यादा फसल डूब गई। सीतापुर, पीलीभीत, लखीमपुर और बहराइच में पानी के साथ बहकर आए मगरमच्छों के रिहायशी इलाकों में घुसने की घटनाएं भी सामने आई हैं

पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने 27 से 30 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 28 और 29 जुलाई के लिए कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश के बीच राज्य के सभी डैम अभी खतरे के निशान से नीचे हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, अधिकतम तापमान सामान्य के करीब पहुंच गया है और बिजली की मांग बढ़कर 13,967 मेगावाट दर्ज की गई है।

हिमाचल प्रदेश में तीन दिन की राहत के बाद सोमवार से एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के चलते 28 से 31 जुलाई तक कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य में 1 अगस्त तक बारिश जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने निचले इलाकों में फ्लैश फ्लड और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा जताया है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की भी संभावना है।
बिहार के 26 जिलों में रविवार को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर और पूर्वी बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कुछ जगहों पर बिजली गिरने और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी आशंका है।
राज्य के बाकी 12 जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। हालांकि, यहां बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। राजधानी पटना में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है।

उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में सोमवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राज्य के बाकी सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों की संभावना जताई है।
लगातार बारिश के बीच गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे और तवाघाट-गुंजी मार्ग पर आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। वहीं, बागेश्वर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी है।
28 जुलाई: हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
जम्मू-कश्मीर, बिहार, पूर्वोत्तर भारत तथा दक्षिण भारत के तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
29 जुलाई: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और नगालैंड बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
झारखंड, गुजरात, पश्चिम राजस्थान, तमिलनाडु-पुडुचेरी और बंगाल को छोड़कर पूरे देश में बारिश हो सकती है।
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