Monday , 27 July 2026

शर्मसार कर देने वाली घटना: मातृत्व अवकाश के लिए रिश्वत मांगने का आरोप; पेट में ही टूट गई मासूम की सांसें, बाबूलाल मरांडी ने जांच की मांग की !

मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड के पलामू जिले से इंसानियत और प्रशासनिक व्यवस्था को तार-तार कर देने वाला एक अत्यंत दुखद मामला सामने आया है। यहां एक गर्भवती महिला शिक्षिका को समय पर मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) न मिलने और रिश्वत मांगने के आरोपों के बीच प्रसव पीड़ा के बाद अपने अजन्मे बच्चे को खोना पड़ा। पीड़िता का आरोप है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छुट्टी मंजूर करने के एवज में ₹50,000 की घूस मांगी थी, जिसे न देने पर उन्हें छुट्टी नहीं दी गई और अंततः गर्भावस्था के अंतिम चरण में स्कूल में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित शिक्षिका भारती पांडेय तरहसी स्थित सिलदलिया प्लस-2 हाई स्कूल में कार्यरत हैं और चैनपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी प्रतिनियुक्त हैं। परिजनों के अनुसार, भारती पांडेय गर्भवती थीं और उन्होंने 3 जुलाई को मातृत्व अवकाश के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय में विधिवत आवेदन दिया था। आरोप है कि छुट्टी स्वीकृत करने के बदले डीईओ दफ्तर के कर्मचारियों द्वारा ₹50,000 की रिश्वत की मांग की गई। रिश्वत न देने के कारण उनकी फाइल अटका कर रखी गई, जिसके चलते उन्हें भारी शारीरिक तनाव के बावजूद लगातार स्कूल जाना पड़ा।

स्कूल परिसर में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में बच्चे की मौत

मातृत्व अवकाश न मिलने के कारण शिक्षिका लगातार ड्यूटी करती रहीं। इसी दौरान स्कूल परिसर में ही उन्हें अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। आनन-फानन में सहकर्मियों और परिजनों द्वारा उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि गर्भ के अंदर ही शिशु की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद से पीड़िता और उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिसकर्मी पति ने थाने में दी शिकायत, DEO समेत कर्मचारियों पर आरोप

पीड़िता के पति मुकेश कुमार तिवारी, जो खुद पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, ने मेदिनीनगर के शहर थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संदीप कुमार और उनके कार्यालय के दो कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करने की मांग की गई है। पति का कहना है कि रिश्वतखोरी और मानसिक प्रताड़ना के चलते ही उन्होंने अपने बच्चे को खोया है।

डीसी ने क्लर्क को किया सस्पेंड, जांच टीम गठित

मामले के तूल पकड़ने पर पलामू के उपायुक्त (DC) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने त्वरित संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। डीसी ने बताया कि शुरुआती जांच में क्लर्क की लापरवाही सामने आने पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।

हालांकि, प्रशासन का यह भी कहना है कि शुरुआती आवेदनों में ‘चाइल्ड केयर लीव’ का उल्लेख था, लेकिन रिश्वत मांगने के कोण की गहनता से पड़ताल की जा रही है। डीसी ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में DEO या किसी अन्य उच्च अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई होगी।

बाबूलाल मरांडी ने साधा निशाना, निष्पक्ष जांच की मांग

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को अत्यंत अमानवीय और प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर राज्य सरकार और पलामू प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। मरांडी ने कहा कि यदि मातृत्व अवकाश जैसे संवैधानिक अधिकार के लिए रिश्वत मांगने के आरोप सच हैं, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन पर सख्त कानूनी मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

Check Also

बॉक्स ऑफिस पर थलापति विजय का ‘जन नायकन’ वाला तूफान: 4 दिनों में 200 करोड़ पार, हर तरफ छाया सुपरस्टार का जादू

चेन्नई। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की बहुचर्चित एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘जन नायकन’ का बॉक्स …