बलरामपुर। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) को देश विरोधी साजिशों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एटीएस की टीम ने बलरामपुर जिले के गैसड़ी थाना क्षेत्र से 29 वर्षीय शहरोज अहमद नामक संदिग्ध को धर दबोचा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इशारे पर भारत में स्लीपर सेल तैयार करने और एक बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था।
फेसबुक पोस्ट पर लिखा ‘मैं हूं सबसे जिगरवाला’, फिर शुरू हुआ नेटवर्क का खेल
जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अक्टूबर 2025 में आईएसआई एजेंट जसवीर चौधरी ने फेसबुक पर ‘जिगर वाले शूटरों’ की मांग को लेकर एक पोस्ट साझा की थी। इसी पोस्ट पर आरोपी शहरोज अहमद ने खुद को सबसे “जिगरवाला” बताते हुए कमेंट किया, जिसके बाद दोनों के बीच सीधे बातचीत का दौर शुरू हो गया। आगे की बातचीत को छुपाने के लिए व्हाट्सएप, मैसेंजर और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया जाने लगा। एटीएस के अनुसार, आरोपी को युवाओं को पैसों का लालच देकर नेटवर्क में शामिल करने और स्लीपर सेल बनाने के निर्देश दिए गए थे।
मुंबई से गांव लौटा था संदिग्ध, श्रीगंगानगर से लाने थे हथियार व बारूद
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि शहरोज अहमद पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के नेटवर्क से सीधे संपर्क में है। आरोपी मूल रूप से मुंबई में रह रहा था, लेकिन अपने आकाओं के इशारे पर दो दिन पहले ही गांव आया था। उसे राजस्थान के श्रीगंगानगर जाकर हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप लाने का जिम्मा सौंपा गया था। इस टास्क को पूरा करने के लिए उसके बैंक खाते में एडवांस के तौर पर 5,000 रुपये भी ट्रांसफर किए गए थे। एटीएस ने 19 जुलाई को ग्राम जमधरा में छापेमारी कर उसे दबोच लिया।
लखनऊ के एटीएस थाने में केस दर्ज, रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
एटीएस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच में अहम डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं। आरोपी के खिलाफ लखनऊ स्थित एटीएस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं 148, 152 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि आईएसआई नेटवर्क के पूरे ताने-बाने और इसके पीछे छिपे अन्य चेहरों का पर्दाफाश किया जा सके।
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