मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पारिवारिक रिश्तों को कलंकित कर दिया है. यहां एक मां और उसके 10 साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या के मामले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. पुलिस तफ्तीश में जो सच सामने आया है, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. इस खौफनाक दोहरे हत्याकांड के पीछे कोई बाहरी नहीं, बल्कि परिवार के ही अपने निकले. आरोप है कि सगे पति और देवर ने मिलकर पहले महिला को मौत के घाट उतारा और फिर इस खूनी खेल का राज छिप जाए, इसलिए मासूम भतीजे का भी बेरहमी से कत्ल कर दिया.
3 लाख का मकान विवाद और चरित्र पर शक: खूनी साज़िश की इनसाइड स्टोरी
पाकबड़ा थाना क्षेत्र के मौढ़ा तैय्या गांव की रहने वाली सीमा की शादी करीब 15 साल पहले गोरखपुर के जसराम से हुई थी, जो पेशे से एक ट्रक ड्राइवर है. दोनों का एक 10 साल का बेटा अंकुश था. पुलिस के मुताबिक, पिछले दो साल से पति-पत्नी के बीच गंभीर विवाद चल रहा था, जिसके चलते सीमा एक किराये के मकान में रह रही थी. विवाद की मुख्य वजह जमीन-जायदाद का लेनदेन और शक था.
दरअसल, जसराम ने अपना मकान अपने छोटे भाई जयराम को 3 लाख रुपये में बेचा था, जिसमें से जयराम ने 60 हजार रुपये दे दिए थे और 2 लाख 40 हजार रुपये बाकी थे. सीमा इस बकाया रकम को मांगती थी, जिसे लेकर अक्सर झगड़ा होता था. इसके अलावा जसराम अपनी पत्नी के चरित्र पर भी शक करता था. सोमवार की रात भी दोनों के बीच भारी विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत सीमा ने पुलिस में की थी, लेकिन बाद में समझौता होने पर वह घर लौट आई थी.
देवर ने 2.40 लाख रुपये बचाने के लिए हाथ मिलाया, बहाने से बाइक पर ले गया
घर लौटने के बाद दोनों भाइयों ने सीमा को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची. जसराम ने अपने भाई जयराम को एक बड़ा लालच दिया. उसने कहा कि अगर वह सीमा की हत्या कर देता है, तो वह मकान के बाकी बचे 2 लाख 40 हजार रुपये नहीं लेगा. पैसों की खातिर जयराम इस खूनी साजिश का हिस्सा बनने को तैयार हो गया.
मंगलवार शाम करीब 6 बजे जयराम बहाने से सीमा के घर पहुंचा और कहा कि वह बाकी के पैसे देने जा रहा है. वह सीमा और उसके 10 साल के बेटे अंकुश को अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया. रास्ते में उसने चालाकी दिखाते हुए मासूम अंकुश को एक पेट्रोल पंप पर उतार दिया और सीमा को गन्ने के एक सुनसान खेत की तरफ ले गया, जहां जसराम पहले से ही घात लगाए बैठा था.
पहले भाई ने पकड़े पैर, दूसरे ने रेता गला; फिर मासूम को भी उतारा मौत के घाट
खेत में पहुंचते ही दोनों भाइयों ने सीमा को दबोच लिया. पति जसराम ने अपनी पत्नी के पैर पकड़े और देवर जयराम ने धारदार हथियार से उसका गला रेतकर उसे बेरहमी से मार डाला. इसके बाद जयराम वापस पेट्रोल पंप गया, बोतल में पेट्रोल खरीदा और मासूम अंकुश को बाइक पर बैठाकर उसी घटनास्थल पर ले आया.
पुलिस पूछताछ में आरोपी जयराम ने बताया कि वह अपने भतीजे अंकुश को मारना नहीं चाहता था, लेकिन जब अंकुश ने खेत में अपनी मां का लहूलुहान शव देखा तो वह फूट-फूटकर रोने लगा और चिल्लाने लगा. जयराम को डर सताने लगा कि अगर बच्चा घर गया तो उनका भंडाफोड़ हो जाएगा. इसी खौफ के कारण उसने अपने सगे 10 साल के भतीजे का भी गला दबाकर उसकी जान ले ली.
पहचान मिटाने के लिए पेट्रोल से जलाए चेहरे, पुलिस ने दोनों को भेजा जेल
इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों भाइयों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. उन्होंने सीमा के शव पर पेट्रोल छिड़ककर उसका चेहरा जला दिया ताकि उसकी पहचान न हो सके. इसके बाद उन्होंने अंकुश के शव को वहां से करीब 500 मीटर दूर दूसरे खेत में फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा भी आग से झुलसा दिया.
बुधवार को सीमा और गुरुवार को मासूम अंकुश का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी देवर जयराम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है. वहीं, फरार चल रहे हत्यारे पति जसराम को भी पुलिस ने देर रात धर-दबोचा है.
voice of india
