Saturday , 25 July 2026

राम मंदिर ट्रस्ट की तिजोरी का खुला पूरा ब्यौरा: 3,264 करोड़ का मिला चंदा, जानें कितना हुआ खर्च और बैंकों में कितनी है ‘नेटवर्थ’; सोना-चांदी का भी आया सटीक आंकड़ा

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच अब ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की वित्तीय स्थिति (फाइनेंशियल स्टेटस) और दान में मिले सोना-चांदी के रिकॉर्ड से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक जानकारी सामने आई है। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट और ट्रस्ट के उपलब्ध वित्तीय विवरण के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के खजाने में हजारों करोड़ रुपये की निधि जमा हो चुकी है। इस रिपोर्ट ने नकद चढ़ावे, मंदिर निर्माण पर हुए खर्च, ट्रस्ट की मौजूदा कुल संपत्ति, भूमि खरीद और दान में मिले सोने-चांदी के एक-एक ग्राम का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है।

निधि समर्पण अभियान से आए 3,264 करोड़, निर्माण पर भारी खर्च

एसआईटी और ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में मंदिर निर्माण की शुरुआत से लेकर 31 मार्च 2026 तक देश-विदेश से चले निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस डोनेशन (मुख्य दान) के माध्यम से ट्रस्ट को कुल 3,264 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि प्राप्त हुई। रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि इस प्राप्त राशि में से अब तक 2,370 करोड़ रुपये सीधे भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य, परिसर के विकास और अन्य जरूरी पूंजीगत कार्यों (कैपिटल वर्क) पर पूरी पारदर्शिता के साथ खर्च किए जा चुके हैं।

582 करोड़ रुपये का नकद चढ़ावा; तीन बड़े बैंकों में एफडी

मंदिर के मुख्य काउंटिंग रूम और दानपात्रों से मिले नकद चढ़ावे को लेकर भी रिपोर्ट में बड़ी जानकारी दी गई है:

  • कुल नकद चढ़ावा: 31 मार्च 2026 तक श्रद्धालुओं द्वारा कुल 582 करोड़ रुपये नकद चढ़ावे के रूप में अर्पित किए गए।

  • संचालन खर्च: इस नकद राशि में से 391 करोड़ रुपये मंदिर के दैनिक संचालन, व्यवस्थाओं और राजस्व संबंधी (रेवेन्यू) खर्चों पर व्यय किए गए।

  • मौजूदा बैलेंस: 31 मार्च 2026 तक की अनऑडिटेड अस्थायी वित्तीय स्थिति के अनुसार, इस समय राम मंदिर ट्रस्ट के पास 1,876.30 करोड़ रुपये की कुल सुरक्षित निधि (बैलेंस) उपलब्ध है।

कहां जमा है पैसा? ट्रस्ट की यह अरबों रुपये की सुरक्षित राशि भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), टॉप म्यूचुअल फंड्स और ट्रस्ट के आधिकारिक बैंक खातों में पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है।

सोने का सटीक रिकॉर्ड: तिजोरी में मौजूद है 32.259 किलोग्राम गोल्ड

रामलला के दरबार में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने को लेकर एसआईटी रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड में कुल 32.259 किलोग्राम सोने की वस्तुएं और आभूषण पूरी तरह दर्ज हैं, जो सुरक्षित अभिरक्षा में हैं।

1,518 किलोग्राम चांदी का सच; सरकारी टकसाल भेजी गई थीं सिल्लियां

दान में मिली चांदी को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें उड़ती रही हैं, जिस पर रिपोर्ट ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, भक्तों से प्राप्त चांदी के तमाम बर्तनों और सामानों को शुद्धता जांच के लिए ‘सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया’ (SPMCIL) भेजा गया था, जहां उसे पिघलाकर शुद्ध सिल्वर बार (चांदी की सिल्लियों) में बदला गया।

  • शुद्ध चांदी: रिकॉर्ड के मुताबिक, सरकारी टकसाल से शुद्ध होकर आई 99.99 प्रतिशत शुद्ध चांदी की मात्रा 849.272 किलोग्राम है।

  • अन्य चांदी: इसके अलावा 669.653 किलोग्राम अन्य चांदी जैसी मिश्रित धातुएं दर्ज हैं।

  • कुल चांदी: इस प्रकार ट्रस्ट के पास कुल 1,518.925 किलोग्राम चांदी का अचूक रिकॉर्ड मौजूद है।

चांदी गायब होने के सारे आरोप निकले झूठे, SIT ने दी क्लीन चिट

विगत दिनों सोशल मीडिया और कुछ संगठनों द्वारा राम मंदिर में दान की गई चांदी की सिल्लियां गायब होने के गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसकी एसआईटी ने बारीकी से पड़ताल की। जांच टीम ने साफ किया है कि ‘इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन’ और ‘विश्व सिंधी सेवा समाज’ द्वारा दान की गई चांदी के संबंध में लगाए गए तमाम आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और गलत पाए गए हैं। रिपोर्ट में तस्दीक की गई है कि दान की गई सभी वस्तुएं सरकारी टकसाल के रिकॉर्ड और ट्रस्ट के बही-खातों (लेज़र) में पूरी तरह मेल खाती मिली हैं।

राम मंदिर परिसर के विस्तार के लिए खरीदी 2.57 एकड़ जमीन

वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच, ट्रस्ट ने अयोध्या में मंदिर परिसर के विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर कुल 2.57 एकड़ भूमि खरीदी है या उसके लिए कानूनी समझौते (MoU) किए हैं। इस जमीन की खरीद पर ट्रस्ट के खाते से कुल 20.16 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। रिपोर्ट के अंत में स्पष्ट किया गया है कि यह पूरा वित्तीय खाका 31 मार्च 2026 की क्लोजिंग स्थिति पर आधारित है, जो पूरी तरह रिकॉर्ड पर मौजूद है।

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