किशनगंज। सोनम रघुवंशी और मेरठ वाली मुस्कान के बाद अब इस खौफनाक फेहरिस्त में बिहार के किशनगंज की डेजी परवीन का नाम भी जुड़ गया है। जिस पत्नी ने अपने पति की बेरहमी से हुई हत्या के बाद दो दिनों तक अन्न-जल त्याग दिया था, जो पुलिस के सामने फूट-फूटकर रोते हुए कातिलों को फांसी देने की मांग कर रही थी, वही महिला पुलिस जांच में अपने ही पति की हत्या की मुख्य मास्टरमाइंड निकली। उसने अपने नौ साल पुराने प्रेमी के साथ मिलकर इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड की साजिश रची थी।
यह सनसनीखेज मामला किशनगंज जिले के बिशनपुर थाना क्षेत्र के टंगटंगी गांव का है। यहाँ के निवासी रिजवान आलम की ४ जुलाई की रात को उनके ही घर में सोते समय लोहे की रॉड से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद घर से मृतक और उसकी पत्नी के मोबाइल फोन भी गायब थे, जिससे शुरुआत में पुलिस को यह मामला चोरी या डकैती के दौरान हुई हत्या का लग रहा था।
‘गर्मी थी इसलिए दरवाजा खुला था…’ पत्नी ने पुलिस को सुनाई थी झूठी कहानी
पति की मौत के तुरंत बाद डेजी परवीन ने पुलिस और ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई। उसने बताया था कि भीषण गर्मी होने के कारण रिजवान अक्सर घर का मुख्य दरवाजा खुला रखकर सोते थे। हालांकि, घटना वाली रात दोनों दरवाजा बंद करके सोए थे। डेजी के मुताबिक, रात में किसी समय रिजवान ने खुद उठकर दरवाजा खोला होगा।
उसने आगे बताया कि रात में जब वह अपनी बच्ची को शौच के लिए उठाने लगी और अपना मोबाइल ढूंढने लगी, तो फोन नहीं मिला। जैसे ही उसने कमरे का बल्ब जलाया, तो पति को खून से लथपथ देखकर वह बेहोश हो गई। पत्नी के इस विलाप और मातम को देखकर पूरे गांव में भारी आक्रोश था और लोग हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
कॉल रिकॉर्ड (CDR) ने खोल दी पोल, आमने-सामने की पूछताछ में टूटा ‘मगरमच्छ का आंसू’
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ खुसरू शिराज के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने जब वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की बारीकी से जांच की, तो डेजी परवीन के बयानों में कई बड़े विरोधाभास सामने आए।
पुलिस का शक गहराते ही उन्होंने डेजी के पड़ोसी अनवर हुसैन को हिरासत में लिया। इसके बाद जब पुलिस ने डेजी और अनवर को आमने-सामने बैठाकर कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों टूट गए और इस खौफनाक हत्याकांड का पूरा सच पुलिस के सामने आ गया।
कुवैत में खून-पसीना बहाता रहा पति, यहाँ पत्नी का चल रहा था 9 साल से अफेयर
पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वह किसी भी रिश्ते पर से भरोसा उठा देने वाला है। मृतक रिजवान आलम अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए कुवैत में दिन-रात मेहनत करता था और वहीं रहकर पैसे कमाता था। रिजवान के लंबे समय तक विदेश में रहने के दौरान उसकी पत्नी डेजी परवीन का गांव के ही रहने वाले अनवर हुसैन से प्रेम संबंध शुरू हो गया। दोनों के बीच पिछले नौ सालों से अवैध संबंध थे, जिसकी दबी जुबान में चर्चा पूरे गांव में भी हुआ करती थी।
करीब दो महीने पहले ही रिजवान कुवैत से हमेशा के लिए अपने घर लौट आया था। रिजवान के घर आने के बाद डेजी और अनवर के मिलने-जुलने में दिक्कतें होने लगीं। इसी बीच रिजवान को भी अपनी पत्नी और पड़ोसी अनवर के नाजायज ताल्लुकात की भनक लग गई। घर में रोज-रोज होने वाले क्लेश से बचने और अपने प्यार के बीच से पति को हमेशा के लिए हटाने के लिए दोनों ने मिलकर रिजवान की हत्या का खौफनाक प्लान तैयार किया।
गहरी नींद में सोते ही प्रेमी के लिए खोल दिया दरवाजा, रॉड से किया ताबड़तोड़ वार
पुलिस के दावों के मुताबिक, वारदात वाली रात जैसे ही रिजवान गहरी नींद में सो गया, डेजी ने तुरंत इसकी सूचना फोन पर अपने प्रेमी अनवर को दी और घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया। सूचना मिलते ही अनवर हुसैन अंधेरे का फायदा उठाकर घर में दाखिल हुआ और उसने सोते हुए रिजवान के सिर पर लोहे की भारी रॉड से ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे मौके पर ही रिजवान की मौत हो गई।
हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने बड़ी चालाकी से कमरे के सामान को बिखेर दिया ताकि पुलिस को लगे कि चोरी के इरादे से आए बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। साक्ष्य छुपाने के लिए उन्होंने मृतक और पत्नी के मोबाइल फोन गायब कर दिए और हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड को भी छिपा दिया।
पति भेजता रहा कुवैत से पैसे, पत्नी अपने और प्रेमी के नाम कराती रही संपत्तियां
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रिजवान अपनी पत्नी डेजी पर पूरा भरोसा करता था। उसने अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा विदेश से भेजकर पत्नी के नाम पर अलग जमीन खरीदी और एक शानदार घर भी बनवाया। रिजवान को लगता था कि उसने अपनी पत्नी और बच्चों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस घर को उसने अपनी मेहनत की कमाई से सींचा है, उसी घर के बेडरूम में उसकी जान ले ली जाएगी।
प्रभारी पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और गायब किए गए दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं। दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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