
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस महाबैठक में प्रदेश के चौमुखी विकास, युवाओं, खिलाड़ियों, श्रमिकों और पशुपालकों के कल्याण से जुड़े कुल 27 महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। कैबिनेट बैठक के बाद राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री पशुधन बीमा योजना: सिर्फ 15% प्रीमियम देंगे पशुपालक
पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सीमांत किसानों के हित में एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में “मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना” को मंजूरी दे दी गई है। यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में समान रूप से लागू होगी। इस योजना के तहत पशुओं के किसी महामारी की चपेट में आने, अपंग होने या असमय मृत्यु होने पर पशुपालकों को बड़ा बीमा कवर मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि इस इंश्योरेंस के कुल प्रीमियम का 85% हिस्सा खुद राज्य सरकार यानी पशुपालन विभाग वहन करेगी, जबकि पशुपालक को महज 15% प्रीमियम राशि का भुगतान करना होगा।
होमगार्ड्स को बड़ा तोहफा, श्रमिकों के बच्चों के लिए मेडिकल कॉलेज में सीटें आरक्षित
कैबिनेट ने प्रदेश के कानून व्यवस्था में अहम योगदान देने वाले होमगार्ड्स को लेकर भी बड़ा संवेदनशील फैसला लिया है। अब होमगार्ड विभाग के 69,000 कार्मिकों को ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर (Health Insurance) प्रदान किया जाएगा।
दूसरी ओर, श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों के बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के अत्याधुनिक अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में एक भव्य ईएसआईसी (ESIC) मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके लिए क्रमशः 5 एकड़, 5 एकड़ और 13 एकड़ जमीन भारत सरकार को निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। सबसे बड़ी बात यह है कि वाराणसी मेडिकल कॉलेज में 50% एमबीबीएस (MBBS) सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए पूरी तरह आरक्षित रहेंगी, जबकि 18% सीटें राज्य कोटे और 7% सीटें केंद्र कोटे के अधीन होंगी।
खिलाड़ियों को सीधी सरकारी नौकरी और आईटी सेक्टर के लिए नई नीतियां
खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी। अब ओलंपिक, पैराओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए रजत (सिल्वर) और कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक जीतने वाले यूपी के मूल निवासी खिलाड़ियों को लोकसेवा आयोग (UPPSC) की परिधि से बाहर रखकर सीधे ‘समूह-ख’ (Group-B) के राजपत्रित पदों पर सीधी सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा, क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 3 पद और उप क्रीड़ा अधिकारी के 23 पदों पर भी सीधी भर्ती की जाएगी।
तकनीकी और निवेश के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाते हुए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि राज्य में नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए “उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन” की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026’ और ‘उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026’ को भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है।
कैबिनेट बैठक के अन्य महत्वपूर्ण फैसले:
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तहसील का नाम बदला: शाहजहांपुर जिले की ऐतिहासिक जलालाबाद तहसील का नाम अब बदलकर “परशुरामपुरी” कर दिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पौराणिक साक्ष्यों के आधार पर यह भूमि भगवान परशुराम की तपोस्थली रही है।
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धुलाई भत्ते में 50% बढ़ोतरी: वेतन समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए जेल वार्डन, विधानसभा मार्शल और अन्य सुरक्षा अधिकारियों के धुलाई भत्ते में सीधे 50% की वृद्धि की गई है, जिससे राजकोष पर ₹20 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
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म्युनिसिपल बांड जारी होंगे: नगर निगमों के सुदृढ़ीकरण और विकास कार्यों के लिए गोरखपुर नगर निगम को 80 करोड़ रुपये और मुरादाबाद नगर निगम को 50 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बांड जारी करने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है।
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