
कोटा। राजस्थान के कोटा जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के अनंतपुरा इलाके की बरडा बस्ती में अचानक उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब दर्जनों घरों के अंदर लगे बिजली के उपकरणों में तेज करंट दौड़ने लगा। लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक इस करंट ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद बस्ती में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर की तरफ भागने लगे। इस खौफनाक हादसे में 30 वर्षीय महिला सलमा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों और महिलाओं समेत 9 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
दोपहर के वक्त अचानक मची चीख-पुकार, दनादन ब्लास्ट होने लगे उपकरण
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह घटना दोपहर के समय हुई, जब लोग अपने-अपने घरों में रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे। अचानक घरों में लगे फ्रिज, पंखे, कूलर और लाइटों में तेज करंट के साथ चिंगारियां उठने लगीं। देखते ही देखते पूरे मुहल्ले में हाहाकार मच गया। डर के मारे महिलाएं और बच्चे रोते-चिल्लाते हुए सड़कों पर आ गए। स्थानीय निवासियों ने तुरंत हिम्मत दिखाई और बिजली विभाग को सूचना देने के साथ ही घायलों को संभाला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।
खदान के पत्थर बने काल! हाई टेंशन लाइन का इंसुलेटर टूटने से हुआ हादसा
इस भयानक हादसे की वजह को लेकर पुलिस और बिजली विभाग (JVVNL) की प्राथमिक जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि बस्ती के ऊपर से गुजर रही JVVNL की हाई टेंशन लाइन का इंसुलेटर अचानक अपनी जगह से हटकर क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे हाई वोल्टेज करंट सीधे घरों की डोमेस्टिक लाइनों में उतर गया। JVVNL के अधीक्षण अभियंता शिवचरण जांगिड़ ने बताया कि शुरुआती आशंका यह है कि पास ही में स्थित खदानों से ब्लास्टिंग के दौरान उछले पत्थरों की वजह से यह इंसुलेटर टूटा हो सकता है। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।
अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल, पुलिस और बिजली विभाग ने शुरू की जांच
करंट की चपेट में आने से घायल होने वालों में चार महिलाएं, तीन बच्चे और दो पुरुष शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर है और उनका इलाज जारी है। हादसे के फौरन बाद एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी, जिसे बाद में तकनीकी खामी सुधार कर बहाल किया गया। इस मामले में पुलिस ने नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर, JVVNL प्रबंधन ने भी लापरवाही और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
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