Tuesday , 7 July 2026

Ayodhya Ram Mandir Trust Meeting: दान हेराफेरी विवाद के बीच राम मंदिर ट्रस्ट की महाबैठक आज, बदला गया वेन्यू; चंपत राय के इस्तीफे पर होगा बड़ा फैसला!

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राम मंदिर के दान और चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी की जांच के बीच आज, 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक होने जा रही है। इस महाबैठक को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज है, वहीं ऐन वक्त पर इसके आयोजन स्थल (वेन्यू) में भी बड़ा बदलाव कर दिया गया है। पहले यह बैठक अयोध्या की प्रसिद्ध ‘मणिराम दास छावनी’ में होनी प्रस्तावित थी, लेकिन सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए अब यह सीधे राम जन्मभूमि परिसर के भीतर स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित की जाएगी।

क्या मंजूर होगा चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा?

सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, इस बैठक का सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला होना है। मालूम हो कि दान चोरी विवाद में नाम आने के बाद दोनों ही पदाधिकारियों ने नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा, हाल ही में कथित चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक व अंतरिम रिपोर्ट पर भी ट्रस्ट के भीतर गहन मंथन होना संभव है।

नए CEO की नियुक्ति और वित्तीय लेखा-जोखा पर मंथन

इस महाबैठक में केवल विवादों पर ही नहीं, बल्कि मंदिर के भविष्य और नई प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। लगातार बढ़ती जा रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 के अनऑडिटेड आय-व्यय विवरण, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को मंजूरी के लिए पटल पर रखा जाएगा। सूत्रों की मानें तो राम मंदिर प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका को लेकर भी इस बैठक में मुहर लग सकती है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इस चर्चा के लिए सभी नियमित और पदेन सदस्यों को आमंत्रित किया है।

ट्रस्ट की मौजूदा स्थिति: खाली पड़े हैं अहम पद

वर्तमान में ट्रस्ट की संगठनात्मक संरचना की बात करें तो इसमें नियमित 11 सदस्य हैं, जिनकी अगुवाई अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी कर रहे हैं। हालांकि, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद और बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के दुखद निधन के बाद से ट्रस्ट में उपाध्यक्ष का पद खाली पड़ा है। मौजूदा नियमित सदस्यों में पूज्य वासुदेवानंद सरस्वती, विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज, स्वामी परमानंद गिरि, कृष्ण मोहन, महंत दिनेंद्र दास और वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन शामिल हैं।

इसके अलावा, बैठक में पदेन सदस्यों के रूप में केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे, प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा, यूपी सरकार के सचिव संजय प्रसाद और अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की मौजूदगी भी बेहद अहम मानी जा रही है।

कहां तक पहुंची SIT की जांच? 15 दिन का मिला एक्स्ट्रा टाइम

राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों के बाद शासन स्तर पर गठित की गई एसआईटी (SIT) पूरी मुस्तैदी से प्रशासनिक जांच में जुटी हुई है। वहीं, ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर अयोध्या पुलिस भी समानांतर जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी और पुलिस की टीम अब तक चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से पूछताछ कर चुकी है, हालांकि अभी तक इन तीनों के खिलाफ कोई सीधी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की कड़ियों को पूरी बारीकी से जोड़ने और घोटाले के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए शासन द्वारा एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय भी दिया गया है। आज होने वाली इस बैठक के निर्णयों पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

 

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