Sunday , 5 July 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को 13 घंटे की पुलिस रिमांड, शौचालय में छिपाए जाते थे नोट; अब तक 20 लाख कैश और विदेशी मुद्रा बरामद

अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन और महाघोटाले के मामले में हर दिन चौंकाने वाले और रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस हाईप्रोफाइल चोरी मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी अयोध्या पुलिस को अदालत से एक और बड़ी कामयाबी मिली है। कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की 13 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) मंजूर कर ली है। रिमांड मिलते ही पुलिस और जांच एजेंसियों ने अविनाश को कड़े सुरक्षा घेरे में लेकर चोरी की गई रकम के ठिकाने, इस सिंडिकेट में शामिल अन्य सफेदपोशों और काली कमाई के इस्तेमाल से जुड़े कई संवेदनशील पहलुओं पर धुआंधार पूछताछ शुरू कर दी है।

सुरक्षा व्यवस्था की करते थे रेकी, सीसीटीवी से बचने के लिए बनाया था सीक्रेट प्लान

जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक की पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने राम मंदिर के भीतर बेहद शातिराना तरीके से इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। यह कोई अचानक की गई चोरी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश थी। आरोपियों ने मंदिर परिसर के भीतर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की लोकेशन, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों के रोटेशन (गतिविधियों) और पूरी सुरक्षा व्यवस्था का महीनों तक बारीकी से अध्ययन किया था। कैमरे की नजर से बचने के लिए ही उन्होंने दान पेटियों से रकम गायब करने का यह खतरनाक खेल रचा।

चौंकाने वाला खुलासा: पहले मंदिर के टॉयलेट में छिपाते थे नोट, फिर करते थे पार

अविनाश शुक्ला से हो रही पूछताछ में जो सबसे हैरान करने वाला तथ्य सामने आया है, वह चोरी की गई रकम को ठिकाने लगाने के तरीके से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने कुबूल किया है कि दान संग्रह और गिनती के दौरान जब वे मोटी रकम पार करते थे, तो उसे तुरंत बाहर ले जाने के बजाय पकड़े जाने के डर से पहले मंदिर परिसर के भीतर बने शौचालयों (Toilets) में छिपा देते थे। इसके बाद मौका देखकर और सुरक्षा जांच का आकलन करते हुए उस नकदी को धीरे-धीरे बेहद सुरक्षित तरीके से मंदिर परिसर से बाहर निकाल लिया जाता था। पुलिस इन दावों की सच्चाई परखने के लिए मौके पर ले जाकर सीन रीक्रिएट करने और तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी है।

मुख्य आरोपी के पास से मिले 20 लाख और विदेशी मुद्रा, कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस पूरे रैकेट में अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक रिकवरी मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकानों से ही हुई है। पुलिस ने उसके पास से करीब 20 लाख रुपये की भारतीय नकदी, भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा (डॉलर), सोने के कीमती आभूषण और कई अन्य संदिग्ध सामान जब्त किए हैं। इसी बरामदगी को आधार बनाकर पुलिस की एक विशेष टीम अविनाश के बैंक खातों और पिछले कुछ महीनों के वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को आपस में जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।

SIT को मिला अतिरिक्त समय, राडार पर कई और रसूखदार चेहरे

इस बीच, मामले की गहराई और संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया गया है। एसआईटी अब केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मंदिर प्रशासन के आंतरिक लूपहोल्स, दान संग्रह की त्रुटिपूर्ण व्यवस्था, सुरक्षा ऑडिट और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी नए सिरे से स्क्रूटनी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अतिरिक्त समय मिलने के बाद जांच का दायरा और बड़ा किया गया है। यदि तफ्तीश के दौरान किसी भी अन्य रसूखदार या कर्मचारी की संलिप्तता का एक भी सबूत मिलता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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