Tuesday , 30 June 2026

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में मर्डर: चंबल के खूंखार डकैत जगन गुर्जर की बैरक में हत्या, 100 से ज्यादा मुकदमे… जिसके डर से रुक जाती थीं शादियां

कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी पर शक

अजमेर। राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। चंबल के बीहड़ों में कभी आतंक का दूसरा नाम रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल के भीतर ही बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद जेल प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक में हड़कंप मच गया है। मामले में जगन के साथ उसी की बैरक में बंद एक अन्य कुख्यात बंदी विष्णु का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आ रहा है।

बैरक खुलते ही सामने आया खौफनाक मंजर, जांच में जुटी FSL टीम

जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डकैत जगन गुर्जर और आरोपी विष्णु एक ही हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद थे। दोपहर के वक्त जब जेल का स्टाफ रूटीन चेकिंग और बैरक खोलने के लिए पहुंचा, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। जगन गुर्जर लहूलुहान हालत में मृत पड़ा था, जबकि दूसरा बंदी विष्णु वहीं मौजूद था। जेल प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। FSL की टीम ने बैरक से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। अजमेर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हत्या के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

100 से ज्यादा मुकदमे… जिसके डर से रुक जाती थीं शादियां

मारा गया जगन गुर्जर कोई साधारण अपराधी नहीं था, बल्कि धौलपुर और चंबल के इलाके में उसका खौफ सिर चढ़कर बोलता था। एक दौर ऐसा था जब जगन गुर्जर के खौफ की वजह से धौलपुर के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने अपनी बेटियों की शादियां तक करना बंद कर दिया था। उस पर हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और रंगदारी जैसे 100 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं, इस हत्या का मुख्य आरोपी विष्णु भी एक बड़ा अपराधी है, जो भरतपुर के बेहद चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। अब पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इन दोनों के बीच जेल के अंदर ऐसा क्या विवाद हुआ कि बात मर्डर तक पहुंच गई।

दूध बेचने वाले से ‘चंबल का काल’ बनने की कहानी

धौलपुर जिले के भवुतीपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर शुरुआत में एक बेहद सामान्य जिंदगी जीता था और दूध बेचने का काम करता था। लेकिन अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसने करीब सात साल तक राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के चंबल के बीहड़ों में अपना एकछत्र राज चलाया और पुलिस की नाक में दम कर रखा था। साल 2019 में महिलाओं के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के एक वायरल वीडियो के बाद वह दोबारा देश भर की सुर्खियों में आया था।

वसुंधरा राजे के महल को उड़ाने की धमकी देकर आया था चर्चा में

जगन गुर्जर का नाम केवल चंबल तक ही सीमित नहीं था। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उसने राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित महल को बम से उड़ाने की धमकी दे डाली थी, जिसके बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था। हालांकि, एक वक्त ऐसा भी आया था जब जगन गुर्जर ने अपनी बेटी की शादी के समय अपराध की दुनिया को हमेशा के लिए छोड़ने की कसम खाई थी और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण भी किया था। लेकिन जरायम की दुनिया से उसका नाता कभी पूरी तरह नहीं टूटा और वह बार-बार कानून के शिकंजे में आता रहा। आखिरकार, अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल की काल कोठरी में ही उसका अंत हो गया।

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