Monday , 15 June 2026

यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा: लखनऊ में पेपर लीक की अफवाह निकली पूरी तरह फर्जी, प्रदेश भर में 82.29% अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा….बुलंदशहर में दबोचा गया संदिग्ध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में बृहस्पतिवार को लेखपाल भर्ती परीक्षा बेहद कड़ी सुरक्षा और अभेद्य निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। प्रदेश भर में कुल 7,994 पदों के लिए आयोजित इस बड़ी लिखित परीक्षा में 82.29 फीसदी अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परीक्षा के दौरान राजधानी लखनऊ के एक केंद्र पर अचानक पेपर लीक की अफवाह उड़ने से कुछ देर के लिए हड़कंप जरूर मचा, लेकिन प्रशासनिक मुस्तैदी और त्वरित जांच के बाद यह सूचना पूरी तरह निराधार और फर्जी पाई गई।

एक पाली में महापरीक्षा, 3 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भाग्य दांव पर

यह महापरीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक केवल एक पाली में आयोजित की गई थी। परीक्षा से जुड़े मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • कुल पंजीकृत अभ्यर्थी: 3,66,712

  • उपस्थित अभ्यर्थी: 3,01,756 (82.29%)

  • कुल परीक्षा केंद्र: 44 जिलों में 861 केंद्र

लखनऊ के केंद्र पर यूं फैली अफवाह, आयोग ने दी सफाई

परीक्षा शुरू होते ही लखनऊ के ऐशबाग स्थित गोपीनाथ लक्ष्मणदास रस्तोगी इंटर कॉलेज के कमरा संख्या 21 से पेपर लीक होने की अफवाह सोशल मीडिया और गलियारों में तैरने लगी। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने बिना वक्त गंवाए जिला प्रशासन के साथ मिलकर मामले की ऑन-स्पॉट जांच कराई। आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि ओएमआर शीट और क्वेश्चन पेपर के सील पैकेट पूरी तरह सुरक्षित और अक्षुण्ण थे। दरअसल, कमरा संख्या 21 के कुछ अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से पहले किसी भ्रम के चलते कमरे से बाहर आ गए थे, जिन्हें वहां मौजूद अधिकारियों ने सही जानकारी देकर दोबारा शांतिपूर्वक परीक्षा में बैठाया।

बुलंदशहर में दबोचा गया संदिग्ध, AI कैमरे से रखी गई नजर

परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। इसी कड़ी में बुलंदशहर के जहांगीराबाद स्थित शिवकुमार अग्रवाल जनता इंटर कॉलेज केंद्र पर एक संदिग्ध अभ्यर्थी को दबोचा गया। बायोमीट्रिक और फेशियल डाटा का मिलान न होने पर केंद्र व्यवस्थापक ने उसे तुरंत स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।

‘मुन्नाभाइयों’ पर नकेल कसने के लिए कमांड रूम से लाइव मॉनिटरिंग

सभी परीक्षा केंद्रों, जिला मुख्यालयों और खुद आयोग मुख्यालय पर बने विशेष कंट्रोल कमांड रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए लाइव निगरानी रखी गई। किसी भी तरह की ‘मुन्नाभाई’ (सॉल्वर गैंग) गतिविधियों को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेशियल रिकग्निशन और कड़े बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन का प्रयोग किया गया। शासन और पुलिस के भारी अमले की मुस्तैदी के चलते अफवाह फैलाने वालों के मंसूबे पूरी तरह नाकाम रहे और परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई।

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