नई दिल्ली: आधुनिक जीवनशैली में ऑफिस में घंटों बैठकर काम करना अब आपकी सेहत के लिए ‘साइलेंट किलर’ साबित हो रहा है। हालिया शोध में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लगातार बैठे रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर तेजी से बढ़ता है। यही वजह है कि अब दुनिया भर के कॉर्पोरेट कल्चर में “स्टैंडिंग डेस्क” का चलन तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का दावा है कि सिर्फ खड़े होकर काम करने की आदत से आप न केवल शुगर, बल्कि मोटापे और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों को भी मात दे सकते हैं।
भोजन के बाद खड़े रहने का जादू: 43% तक कम हुआ शुगर लेवल
अध्ययन में पाया गया है कि दोपहर का भोजन (Lunch) करने के बाद जो लोग सीधे अपनी कुर्सी पर बैठ जाते हैं, उनके शरीर में ग्लूकोज का स्तर खतरनाक तरीके से बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन लोगों ने लंच के बाद करीब तीन घंटे तक खड़े होकर काम किया, उनके ब्लड शुगर लेवल में 43 प्रतिशत तक का सुधार देखा गया। दरअसल, खड़े रहने से शरीर इंसुलिन का बेहतर उपयोग कर पाता है, जिससे प्री-डायबिटीज और डायबिटीज के मरीजों को दवाओं के बिना भी अपनी स्थिति सुधारने में मदद मिल रही है।
सुस्ती और चिड़चिड़ापन? कुर्सी छोड़ना ही है इसका इलाज
अक्सर दोपहर के समय ऑफिस में जो सुस्ती, थकान या काम में मन न लगने जैसी समस्या होती है, उसका सीधा संबंध ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव से है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है। विशेषज्ञों का मानना है कि खड़े होकर काम करने से न केवल शारीरिक स्फूर्ति बनी रहती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका गहरा सकारात्मक असर पड़ता है। जो लोग डेस्क पर कम बैठते हैं, उनमें तनाव और घबराहट (Anxiety) की शिकायत काफी कम पाई गई है।
पीठ और गर्दन के दर्द से 54% तक राहत
लगातार झुककर कंप्यूटर पर काम करने से रीढ़ की हड्डी और गर्दन की मांसपेशियों पर भारी दबाव पड़ता है। शोध के आंकड़े बताते हैं कि स्टैंडिंग डेस्क का उपयोग करने वालों में गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से के दर्द में 54 प्रतिशत तक की कमी आई है। आजकल बाजार में ‘एडजस्टेबल स्टैंडिंग डेस्क’ उपलब्ध हैं, जिन्हें आप अपनी सुविधा के अनुसार ऊपर या नीचे सेट कर सकते हैं। यह न केवल आपके पोश्चर को ठीक रखता है, बल्कि शरीर में रक्त के संचार को भी सुचारू बनाता है।
क्या है सेहत का 50/50 फॉर्मूला? विशेषज्ञ की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह ज्यादा बैठना बुरा है, उसी तरह पूरे दिन खड़े रहना भी सही नहीं है। इसके लिए उन्होंने ’50/50 नियम’ सुझाया है। यानी हर 30 से 40 मिनट बैठकर काम करने के बाद कम से कम 15 से 20 मिनट खड़े होकर काम करना चाहिए। काम के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन का आंखों की सीध में होना और पैरों में आरामदायक जूते पहनना भी बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी आदतों में यह बदलाव आपको टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रख सकता है।
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