Wednesday , 13 May 2026

मुलायम सिंह के बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का 38 की उम्र में निधन, क्या बिजनेस में घाटा और डिप्रेशन बनी वजह?

समाजवादी पार्टी के कुनबे से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। सपा संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का बुधवार को लखनऊ में निधन हो गया। महज 38 वर्ष की आयु में उनके इस तरह दुनिया छोड़ जाने से परिवार और समर्थकों में शोक व्याप्त है। फिटनेस के प्रति बेहद सजग रहने वाले प्रतीक पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। राजनीति की चकाचौंध से दूर रहने वाले प्रतीक ने बिजनेस जगत में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई थी।

फिटनेस जुनून से खड़ा किया बड़ा कारोबार

प्रतीक यादव को करीब से जानने वाले बताते हैं कि उन्हें जिम और हेल्थ सेक्टर से बेहद लगाव था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भी इसी क्षेत्र से की थी। लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर में उन्होंने ‘द फिटनेस प्लानेट’ और ‘आयरन कोर फिट’ (Iron Core Fit) जैसे हाई-एंड जिम की श्रृंखला खड़ी की थी। इन जिमों की खासियत यह थी कि यहां इटली और अमेरिका से मंगाए गए आधुनिक उपकरण लगे हैं। फिटनेस के प्रति उनकी दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे खुद घंटों वर्कआउट करते थे और सोशल मीडिया पर युवाओं को प्रेरित करते थे।

रियल एस्टेट के बड़े खिलाड़ी थे प्रतीक

जिम और फिटनेस सेंटर के बाद प्रतीक यादव ने रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से कदम बढ़ाए। Forbes और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट निवेश से आता था। उन्होंने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण कमर्शियल और रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट्स पर काम किया। प्रॉपर्टी डीलिंग, कंस्ट्रक्शन और बड़े निवेशों के जरिए उन्होंने अपना एक स्वतंत्र बिजनेस साम्राज्य स्थापित किया था, जो उन्हें राजनीतिक पहचान से अलग एक सफल उद्यमी के रूप में पेश करता था।

बिजनेस में उतार-चढ़ाव और मानसिक तनाव की चर्चा

प्रतीक यादव की असामयिक मृत्यु के कारणों को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन सूत्रों के हवाले से उनके डिप्रेशन में होने की बात भी सामने आ रही है। उनके भाई अखिलेश यादव ने भी संकेत दिया कि प्रतीक अपने काम को लेकर काफी गंभीर थे। अखिलेश यादव ने कहा कि कई बार बिजनेस में होने वाले बड़े नुकसान व्यक्ति को मानसिक रूप से परेशान कर देते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि पिछले कुछ समय से बिजनेस में आ रही बाधाओं के कारण वे तनाव में थे।

सियासत से दूरी और लग्जरी लाइफस्टाइल

मुलायम सिंह यादव के बेटे होने के बावजूद प्रतीक ने कभी चुनावी राजनीति में कदम नहीं रखा। वह अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगी गाड़ियों के शौक के लिए जाने जाते थे। उनके पास 5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की लैम्बोर्गिनी कार थी, जो अक्सर चर्चा का विषय रहती थी। गारमेंट ब्रांड से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक फैले उनके कारोबार ने उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली युवा व्यापारियों की सूची में खड़ा कर दिया था। उनके निधन से लखनऊ के व्यापारिक गलियारों में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

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