लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में आज का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार करने जा रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के बीच भाजपा इस विस्तार के जरिए प्रदेश में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को धार देने की रणनीति पर काम कर रही है। रविवार दोपहर 3:30 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें 6 नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिलने की प्रबल संभावना है।
मनोज पांडेय समेत इन दिग्गजों के नाम रेस में सबसे आगे
इस मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे बड़ा नाम रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडेय का है। समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा के पाले में आने वाले पांडेय को ब्राह्मण चेहरे के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा:
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भूपेन्द्र सिंह चौधरी: जाट समाज से आने वाले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का कद बढ़ाया जा सकता है।
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हंसराज विश्वकर्मा: वाराणसी से एमएलसी हंसराज को अति पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व के रूप में शामिल किया जा सकता है।
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दलित प्रतिनिधित्व: अनुसूचित जाति वर्ग से फतेहपुर की कृष्णा पासवान और अलीगढ़ के सुरेंद्र दिलेर के नाम चर्चा में हैं।
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कैलाश राजपूत: कन्नौज के लोध समाज को साधने के लिए इन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।
इन मंत्रियों का बढ़ सकता है कद, होगा ‘प्रमोशन’
सूत्रों के मुताबिक, राजभवन में आज केवल नए चेहरे ही शपथ नहीं लेंगे, बल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों को उनके अच्छे प्रदर्शन का इनाम भी मिल सकता है। सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के प्रमोशन की चर्चा तेज है। इनमें से कुछ को स्वतंत्र प्रभार से कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
बागी विधायकों को वफादारी का इनाम!
राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा से बगावत कर भाजपा का साथ देने वाले विधायकों पर भी पार्टी मेहरबान नजर आ रही है। मनोज पांडेय के साथ-साथ कौशांबी से विधायक पूजा पाल के नाम की भी सुगबुगाहट है। भाजपा इस कदम के जरिए विपक्षी खेमे में सेंधमारी करने वाले नेताओं को यह संदेश देना चाहती है कि उनके साथ न्याय होगा।
क्या है भाजपा का ‘मिशन 60’ और सामाजिक इंजीनियरिंग?
उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्य संख्या के हिसाब से अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों समेत कुल 54 मंत्री पद भरे हुए हैं। बचे हुए 6 खाली पदों को भरकर भाजपा ब्राह्मण, जाट, लोध, दलित और पिछड़ों को एक साथ साधने की कोशिश में है। योगी सरकार का पहला विस्तार मार्च 2024 में हुआ था, और अब यह दूसरा विस्तार चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा।
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