कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में दशकों बाद एक ऐतिहासिक बदलाव की पटकथा लिखी जा चुकी है। 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत के बाद अब राज्य की कमान शुभेंदु अधिकारी के हाथों में जाना लगभग तय हो गया है। आज, 8 मई को कोलकाता के बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में होने वाली विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर आधिकारिक मुहर लग सकती है।
अमित शाह की ‘जादुई थपकी’ और भविष्य का इशारा
बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक और बिप्लव कुमार देव को सह-पर्यवक्षक नियुक्त किया है। कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरते ही अमित शाह ने जो संकेत दिए, उसने सभी कयासों पर विराम लगा दिया। हवाई अड्डे पर स्वागत के लिए दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य जैसे कई दिग्गज मौजूद थे, लेकिन शाह ने विशेष रूप से शुभेंदु अधिकारी की पीठ थपथपाई और उन्हें अपनी गाड़ी में साथ ले गए। राजनीतिक गलियारों में इसे शुभेंदु के नाम पर ‘हाईकमान की अंतिम मुहर’ माना जा रहा है।
ममता को उन्हीं के गढ़ में दी शिकस्त, अब संभालेंगे प्रदेश
शुभेंदु अधिकारी इस जीत के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे हैं। उन्होंने निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर में 15,000 से अधिक मतों से हराकर ‘जायंट किलर’ का तमगा हासिल किया है। सूत्रों की मानें तो पार्टी ने शपथ ग्रहण के लिए भी एक विशेष दिन चुना है। 9 मई को रवींद्र जयंती के पावन अवसर पर सुबह 10 बजे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां शुभेंदु बंगाल के नए ‘अधिकारी’ के रूप में शपथ लेंगे।
दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला: जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
बीजेपी बंगाल में भी मध्य प्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर एक सीएम और दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला लागू कर सकती है। उपमुख्यमंत्री की रेस में ये नाम सबसे आगे हैं:
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अग्निमित्रा पॉल: महिला सशक्तिकरण और संगठन में मजबूत पकड़ के कारण प्रमुख दावेदार।
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निशीथ प्रमाणिक: उत्तर बंगाल के प्रतिनिधित्व और युवा ऊर्जा के लिए चर्चित।
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दिलीप घोष: पार्टी के पुराने और अनुभवी नेता, जिन्होंने बंगाल में बीजेपी की नींव रखी।
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रूपा गांगुली: सोनारपुर दक्षिण से शानदार जीत दर्ज करने वाला लोकप्रिय चेहरा।
संभावित मंत्रिमंडल: अनुभव और युवाओं का संगम
नई सरकार के संभावित मंत्रियों की सूची में क्षेत्रीय संतुलन का खास ख्याल रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल में स्वपन दासगुप्ता, शंकर घोष, तापस रॉय, पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा और डॉ. राजेश कुमार जैसे चेहरों को जगह मिल सकती है। इसके अलावा रत्ना देवनाथ, इंद्रनील खान और रितेश तिवारी जैसे संगठन के समर्पित नेताओं को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
बंगाल के इस नए राजनीतिक सूर्योदय पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
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