जमुई। बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी रूह कंपा देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट जाए। जमुई जिले में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग के लिए ‘जीवनदायिनी’ कही जाने वाली 102 एंबुलेंस ही ‘काल’ बन गई। एंबुलेंस का ईंधन (तेल) बीच रास्ते में खत्म हो गया और चिलचिलाती धूप में समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीज ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। यह घटना न केवल स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता को दर्शाती है, बल्कि सरकारी दावों की पोल भी खोलती है।
पटना ले जाते समय शेखपुरा के पास थमे एंबुलेंस के पहिए
मृतक धीरज रविदास को सिर में इंटरनल ब्लीडिंग (खून जमने) की गंभीर शिकायत के बाद जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत पटना रेफर कर दिया। परिजन बड़ी उम्मीदों के साथ 102 एंबुलेंस से पटना के लिए रवाना हुए, लेकिन सफर शुरू होने के महज 25 किलोमीटर बाद ही शेखपुरा के पास एंबुलेंस का तेल खत्म हो गया। भीषण गर्मी और दोपहर की तपिश के बीच एंबुलेंस सुनसान सड़क पर खड़ी रही और अंदर मरीज की सांसें उखड़ने लगीं।
फ्यूल कार्ड ने दिया धोखा, ड्राइवर के झूठ ने ली जान
बताया जा रहा है कि एंबुलेंस संचालक कंपनी ‘जेन प्लस’ द्वारा दिया गया फ्यूल कार्ड पेट्रोल पंप पर स्वाइप नहीं हुआ, जिसकी वजह से चालक डीजल नहीं भरवा सका। परिजनों का आरोप है कि ड्राइवर लगातार उन्हें दिलासा देता रहा कि तेल का इंतजाम हो रहा है, लेकिन न तो तेल आया और न ही बैकअप के तौर पर दूसरी एंबुलेंस बुलाई गई। करीब दो घंटे तक सिस्टम की इस लाचारी के बीच बुजुर्ग मरीज मौत से जंग लड़ता रहा।
“साहब! मेरी आंखों के सामने पिता चले गए”
मृतक के पुत्र अजीत रविदास ने रुआंसे गले से बताया कि उनके पिता दो घंटे तक एंबुलेंस के भीतर तड़पते रहे। दोपहर करीब 3:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अजीत का कहना है कि अगर समय रहते दूसरी गाड़ी का इंतजाम हो जाता, तो शायद उनके पिता आज जिंदा होते। मौत के बाद प्रशासन जागा और दूसरी एंबुलेंस से शव को वापस जमुई लाया गया। पीड़ित परिवार अब इस मामले की लिखित शिकायत डीएम, एसपी और सिविल सर्जन से करने की तैयारी में है।
सिविल सर्जन बोले- बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
इस शर्मनाक घटना पर जमुई के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे अमानवीय और घोर लापरवाही करार दिया। डॉ. सिंह ने कहा कि जिस एजेंसी (जेन प्लस) के जिम्मे एंबुलेंस का संचालन है, उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मौत के जिम्मेदार चालक और प्रबंधन के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।
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