Thursday , 3 September 2026

शेयर बाजार में हाहाकार: अमेरिका-ईरान तनाव से सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी धड़ाम; क्रूड ऑयल 96 डॉलर पार

कारोबारी हफ्ते के तीसरे दिन बुधवार की सुबह घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों के लिए किसी बड़े झटके से कम साबित नहीं हुई। बाजार खुलते ही पहले ही मिनट में दलाल स्ट्रीट पर जोरदार बिकवाली देखने को मिली और चारों तरफ लाल निशान हावी हो गया। प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में करीब 700 अंकों की तेज गिरावट दर्ज की गई, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 200 अंकों से ज्यादा फिसल गया। बाजार में मचे इस कोहराम की मुख्य वजह कोई घरेलू कारक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच अचानक भड़का भीषण भू-राजनीतिक तनाव है। दोनों देशों के बीच रातों-रात हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई ने समूचे वैश्विक वित्तीय तंत्र को हिलाकर रख दिया है।

अमेरिका-ईरान तनाव से बिगड़ा वैश्विक माहौल

अमेरिकी प्रशासन की ओर से देर रात ईरान स्थित कई सैन्य ठिकानों पर सिलसिलेवार हवाई हमलों की आधिकारिक पुष्टि की गई, जिसके जवाब में ईरान ने भी त्वरित पलटवार किया। दोनों देशों के बीच उपजे इस ताजा सैन्य संकट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी अनिश्चितता और खौफ का माहौल बना दिया है। इस तनाव की सीधी आंच एशियाई बाजारों समेत पूरी दुनिया के वित्तीय बाजारों पर पड़ी है, जिससे निवेशकों का भरोसा पूरी तरह डगमगा गया और सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुझान बढ़ने से शेयर बाजारों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

प्री-ओपनिंग सेशन में ही दिख गए थे गिरावट के संकेत

घरेलू शेयर बाजार के नियमित कारोबार की शुरुआत से पहले ही प्री-ओपनिंग सेशन में भारी नुकसान के स्पष्ट संकेत मिलने लगे थे। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स 540 अंक लुढ़ककर 76,397.24 के स्तर पर आ गया था, जबकि निफ्टी 203 अंकों की कमजोरी के साथ 23,852.05 पर संघर्ष करता नजर आया। इससे पहले सुबह 7:38 बजे गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स भी 24,033.5 अंक के स्तर पर बना हुआ था, जिसने नकारात्मक शुरुआत की जमीन पहले ही तैयार कर दी थी। बता दें कि बीते सत्र में मंगलवार को निफ्टी 24,055.8 के स्तर पर बंद हुआ था। बाजार की इस चौतरफा बिकवाली में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि सेंसेक्स की 30 प्रमुख ब्लूचिप कंपनियों में से केवल सनफार्मा का शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में टिक पाया, जबकि बाकी 29 दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।

ब्रेंट क्रूड में 2 प्रतिशत का जोरदार उछाल

मध्य पूर्व में युद्ध जैसे उपजे हालातों का सबसे गहरा और तात्कालिक असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतों में रातों-रात 2 प्रतिशत से अधिक की बड़ी तेजी दर्ज की गई, जिससे इसके दाम बढ़कर 96.6 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए। यह पिछले छह हफ्तों का इसका उच्चतम स्तर है। मध्य पूर्व वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे संवेदनशील केंद्र है, ऐसे में वहां बढ़ते तनाव से वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति बाधित होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। बाजार विश्लेषकों का आकलन है कि यदि दोनों देशों के बीच यह टकराव लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रह सकती हैं।

महंगाई और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएं तेज

कच्चे तेल में आई अचानक इस तेजी ने दुनिया भर में मुद्रास्फीति यानी महंगाई दर में फिर से इजाफे की चिंताओं को हवा दे दी है। वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों के बीच यह डर गहराने लगा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का कड़ा रुख अपना सकता है। यदि हालात जल्द सामान्य नहीं होते हैं, तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) भारत जैसे उभरते बाजारों से बड़े पैमाने पर अपनी पूंजी वापस निकाल सकते हैं। वैश्विक स्तर पर वित्तीय नियमों के सख्त होने से जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर भारी दबाव बना हुआ है। चूंकि मध्य पूर्व ऊर्जा आपूर्ति की जीवन रेखा माना जाता है, इसलिए वहां की कोई भी अस्थिरता सीधे तौर पर माल ढुलाई से लेकर आम उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की बुनियादी वस्तुओं को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।

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