Tuesday , 29 September 2026

यूपी के कुशीनगर में उफनाई नारायणी नदी: ततवा टोला के पास टूटा तटबंध, कई गांव डूबे, सीएम योगी ने संभाला मोर्चा

कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में उफान पर चल रही नारायणी नदी के तेज बहाव ने भारी तबाही मचाई है। सोमवार देर रात ततवा टोला के समीप स्थित एक मुख्य तटबंध अचानक टूट गया। तटबंध कटने के बाद नदी का उफनता पानी तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ गया, जिससे आसपास के कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए। देर रात आई इस जलप्रलय के कारण ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और बड़े पैमाने पर जनजीवन व संपत्ति के नुकसान की खबर सामने आई है।

सीएम योगी ने आधी रात संभाली कमान, अधिकारियों से लिया फीडबैक

तटबंध टूटने और रिहायशी बस्तियों में सैलाब घुसने की सूचना मिलते ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तत्काल एक्शन मोड में आ गए। मुख्यमंत्री खुद देर रात तक राहत-बचाव अभियान और स्थिति की पल-पल की निगरानी करते रहे। उन्होंने तत्काल गोरखपुर के मंडलायुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), कुशीनगर के जिलाधिकारी और अन्य उच्चाधिकारियों से फोन पर विस्तृत जानकारी ली। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बचाव कार्य में तनिक भी ढिलाई न बरती जाए।

मौके पर पहुंची NDRF-SDRF की टीमें, युद्धस्तर पर सुरक्षित निकासी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अमले को निर्देशित किया कि बाढ़ के खतरे में फंसे हर एक ग्रामीण को फौरन सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जाए। सीएम के आदेश के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने मौके पर मोर्चा संभाल लिया है। बोट्स और रेस्क्यू उपकरणों की मदद से प्रभावित गांवों से लोगों को सुरक्षित निकालने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। साथ ही प्रभावितों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।

आगामी त्योहारों को देखते हुए ऊर्जा और शहरी विकास विभाग हाई अलर्ट पर

बीते तीन-चार दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी था। यद्यपि सोमवार को मौसम में सुधार हुआ और बारिश थमी, लेकिन आने वाले प्रमुख त्योहारों को ध्यान में रखते हुए शासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक सेवाओं को सामान्य बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। शहरी विकास और ऊर्जा विभाग के अफसरों को निर्देशित किया गया है कि जलभराव की समस्या का तुरंत निस्तारण हो, ताकि आम जनजीवन शीघ्र पटरी पर लौट सके।

जलभराव के बाद संक्रामक रोगों से बचाव और गड्ढा-मुक्ति पर जोर

शासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी उतरने के साथ ही बड़े स्तर पर ब्लीचिंग, फॉगिंग और सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे बाढ़ के बाद संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके। इसके अलावा क्षतिग्रस्त सड़कों को तेजी से गड्ढा मुक्त करने के निर्देश भी लोक निर्माण और स्थानीय निकाय प्रशासन को जारी किए गए हैं।

नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने की समीक्षा, बिजली आपूर्ति बहाल करने के सख्त निर्देश

नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी, ड्रेनेज व्यवस्था, सफाई और संक्रामक रोगों से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। वहीं ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी डिस्कॉम और मुख्य अभियंताओं के साथ बैठक की। मंत्री ने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि व बाढ़ से प्रभावित बिजली ढांचे को तत्काल दुरुस्त किया जाए और आपूर्ति बहाल करने के लिए अतिरिक्त मैनपावर व मशीनरी तैनात की जाए, ताकि जनता को परेशानी न उठानी पड़े।

 

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