Saturday , 2 May 2026

शिक्षा के नाम पर महाठगी: ‘One World Academy’ का भंडाफोड़, आंध्र की यूनिवर्सिटी के नाम पर 300 छात्रों का करियर दांव पर

झारसुगुड़ा: ओडिशा के झारसुगुड़ा से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ युवाओं के सपनों और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े ‘B.Ed सर्टिफिकेट रैकेट’ का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ‘One World Academy’ नाम की संस्था चलाकर जालसाजों ने आंध्र प्रदेश की प्रतिष्ठित आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी में एडमिशन का झांसा देकर 300 से अधिक छात्र-छात्राओं को अपना शिकार बनाया। सोमवार को पुलिस की छापेमारी के बाद दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी ने इस पूरे काले साम्राज्य की पोल खोल दी है।

भरोसे का कत्ल: आंध्र की यूनिवर्सिटी के नाम पर वसूली मोटी रकम

झारसुगुड़ा पुलिस की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि बुर्ला इलाके में ‘One World Academy’ का दफ्तर खोलकर फर्जीवाड़े की स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी। आरोपी छात्रों को विश्वास दिलाते थे कि उनका आंध्र प्रदेश के ‘7 हिल्स B.Ed कॉलेज’ और ‘रामकृष्ण B.Ed कॉलेज’ में “इनफॉर्मल अरेंजमेंट” के जरिए सीधा दाखिला करा दिया जाएगा। इस झांसे में आकर प्रत्येक छात्र ने 25,000 से 30,000 रुपये तक की मोटी रकम इन ठगों के हवाले कर दी। असलियत में न तो कहीं कोई एडमिशन हुआ और न ही इन कॉलेजों से गिरोह का कोई लेना-देना था।

व्हाट्सएप के जरिए बिछाया जाल, कई जिलों तक फैला था नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह तकनीक का सहारा लेकर ठगी को अंजाम दे रहा था। व्हाट्सएप पर दर्जनों ग्रुप बनाए गए थे, जिनमें संबलपुर, बोलंगीर और झारसुगुड़ा सहित आसपास के कई जिलों के युवाओं को जोड़ा गया। छात्रों का भरोसा जीतने के लिए इन्हें फर्जी एडमिशन लेटर और यूनिवर्सिटी के नकली दस्तावेज तक दिखाए जाते थे। अब तक ब्रजराजनगर, लैकेरा, बेलपहाड़ और लखनपुर जैसे क्षेत्रों से 300 से अधिक पीड़ित छात्र शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंच चुके हैं, जिनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई इन जालसाजों ने डकार ली।

परीक्षा के वक्त फूटा भांडा, एडमिट कार्ड न मिलने पर मची खलबली

झारसुगुड़ा के एसपी जी. आर. राघवेंद्र ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य आरोपी चित्तरंजन बारिक ने सैकड़ों छात्रों से पैसे तो ऐंठ लिए, लेकिन जब सेमेस्टर परीक्षाओं की बारी आई, तो उसका खेल खत्म होने लगा। जब ‘7 हिल्स कॉलेज’ की परीक्षा की तारीखें आईं और छात्रों को एडमिट कार्ड नहीं मिले, तो उनका माथा ठनका। एक पीड़ित महिला की शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस ने जब बुर्ला स्थित कंप्यूटर सेंटर पर छापा मारा, तो चित्तरंजन बारिक और उसकी सहयोगी रीमा दास को धर दबोचा।

डिस्टेंस B.Ed के नाम पर फैलाया भ्रम, पुलिस ने दी चेतावनी

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने छात्रों को ‘डिस्टेंस मोड’ से B.Ed कराने का झांसा दिया था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि B.Ed एक रेगुलर प्रोफेशनल कोर्स है, जो केवल NCTE और संबंधित यूनिवर्सिटी के कड़े नियमों के तहत ही संचालित होता है। डिस्टेंस मोड में इस तरह के कोर्स का कोई प्रावधान नहीं है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों, आलोक कुमार पात्रा और संग्राम केसरी की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। माना जा रहा है कि इस रैकेट का जाल अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हो सकता है।

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