
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान भड़काऊ और सरकार विरोधी बयान देने वाले मौलाना के खिलाफ पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। मौलाना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया, जिसके तुरंत बाद रुद्रपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने देर रात आरोपी मौलाना को सलाखों के पीछे भेज दिया।
‘यह देवभूमि है, कोई पाक भूमि नहीं’— मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश
मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में किसी को भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या धमकी देने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सीएम ने कहा, “मैंने देखा कि रुद्रपुर में एक मौलवी बयान दे रहे थे कि मदरसों पर कार्रवाई हुई तो यह कर देंगे, वह कर देंगे। यह केवल एक मौलवी नहीं, बल्कि इसके पीछे एक पूरी सोच और विचारधारा काम कर रही है। लेकिन ऐसे लोग समझ लें कि यह देवभूमि उत्तराखंड है, देवताओं की पवित्र भूमि है, कोई पाक भूमि नहीं। यहां वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली सरकार नहीं है जो संविधान व कानून तोड़ने वालों पर चुप बैठे।”
अवैध अतिक्रमण और अराजकता पर जारी रहेगा सख्त एक्शन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संविधान और कानून का उल्लंघन करने वालों को कानून के तहत ही करारा सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने पूर्व में की गई कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में अब तक 13,000 एकड़ सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया जा चुका है और यह अभियान आगे भी बिना रुके जारी रहेगा।
यूसीसी, सख्त भू-कानून और धर्मांतरण रोकने को सरकार प्रतिबद्ध
सीएम धामी ने कहा कि यह देवभूमि के मूल स्वरूप और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने वाली राष्ट्रवादी सरकार है। सरकार ने राज्य में सख्त धर्मांतरण रोधी कानून और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की है, साथ ही कड़ा भू-कानून भी अमल में लाया जा रहा है। खटीमा में बहला-फुसलाकर धर्मांतरित किए गए परिवारों की घर वापसी का जिक्र करते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी धमकी देने की कोशिश न करे; कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को खोज-खोज कर सख्त कानूनी दायरे में लाया जाएगा।
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