
दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल में छात्र-छात्रा अश्लील हरकत कर रहे थे। पूरी घटना ट्रेन में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में दिख रही लड़की स्कूल यूनिफॉर्म पहने है। दावा किया जा रहा कि लड़की शहर के एक बड़े स्कूल की छात्रा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक छात्रा की पहचान या स्कूल को लेकर कोई पुष्टि नहीं की है।
घटना के समय कोच में अन्य यात्री भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। वीडियो 24 नवंबर का है, लेकिन सामने अब आया है। वीडियो वायरल होने के बाद NCRTC (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम) इसकी जांच में जुटा है।
अब जानिए पूरा मामला…

मोदीनगर-मेरठ के बीच रिकॉर्ड हुआ वीडियो वीडियो मोदीनगर से मेरठ के बीच यात्रा के दौरान का बताया जा रहा है। लड़का-लड़की दोनों रैपिड रेल के केबिन में मौजूद हैं। लड़की स्कूल यूनिफॉर्म में है, जबकि युवक सफेद स्वेटर पहने है। जहां छात्र-छात्रा बैठे हैं, उसके पीछे, आगे और साइड की सीटें खाली दिख रही हैं। छात्रा विंडो सीट पर बैठी है। पास में बैठा छात्र पहले छात्रा को किस करता है। फिर चादर डालकर दोनों गंदी हरकत करने लगते हैं।
NCRTC यह पता लगाने में जुटा है कि किसने यह वीडियो रैपिड रेल के कंट्रोल रूम से लेकर वायरल किया? पुलिस अफसरों ने बताया कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है।
छात्र की पहचान की तेजी से कोशिश की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, ट्रेन के रूट और समय के आधार पर संदिग्ध की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी आयुष विक्रम सिंह ने बताया- वीडियो मेरे संज्ञान में आया है। इसे मोदीनगर का बताया जा रहा है। इस मामले की जांच कराई जा रही है। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस और NCRTC प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे रैपिड रेल समेत सभी सार्वजनिक परिवहन साधनों में नियमों का पालन करें। किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। साथ ही सोशल मीडिया पर संवेदनशील सामग्री शेयर करने से बचने की सलाह दी गई है।
अब जानिए रैपिड रेल की खासियत और सुविधाएं

- यह ट्रेन 180 KMPh की स्पीड पर डिजाइन की गई है, लेकिन ये अभी 160 KMPh पर दौड़ रही है। इतनी गति से दौड़ने वाली ये देश की पहली ट्रेन है।
- ट्रेन में कुल 6 कोच हैं। इसमें एक कोच प्रीमियम और दूसरा महिलाओं के लिए रिजर्व है। सामान्य कोच में 72 और प्रीमियम कोच में 62 सीटें हैं। हालांकि पूरी ट्रेन में बैठकर और खड़े होकर एक बार में 1700 यात्री सफर करते हैं।
- एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई 2×2 ट्रांसवर्स सिटिंग, खड़े होकर यात्रा करने के लिए पर्याप्त स्थान, लगेज रैक, CCTV, लैपटॉप/मोबाइल चार्जिंग सुविधा, डायनेमिक रूट मैप की सुविधा है।
- हर कोच में महिलाओं के अलावा दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें रजर्व हैं। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर रखने की भी सुविधा है।
- प्रीमियम कोच में रिक्लाइनिंग सीटें, कोट हुक, मैगजीन होल्डर और फुटरेस्ट जैसी कई अतिरिक्त सुविधाएं हैं। दिल्ली से मेरठ जाने पर ये कोच पहला होता है, वहीं मेरठ से दिल्ली आने पर ये अंतिम वाला कोच होता है।
- रैपिड रेल डबल सिक्योरिटी से लैस है। प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) और ट्रेन दोनों के दरवाजे एक साथ बंद होते हैं। उसके बाद ही ट्रेन आगे बढ़ती है।
- रैपिड रेल स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा जांच के लिए अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सक्षम डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) का उपयोग किया जाता है।
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