Tuesday , 1 September 2026

भारत में बनेगी  जैवलिन’ मिसाइल : टाटा और JJV के बीच ऐतिहासिक डील, अब देश में ही तैयार होगा अचूक टैंक रोधी हथियार… चीन-पाक की बढ़ेगी चिंता 

नई दिल्ली। भारतीय रक्षा क्षेत्र और सैन्य आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी सामरिक उपलब्धि हासिल हुई है। भारत ने अमेरिका से अत्याधुनिक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम ‘FGM-148 जैवलिन’ (FGM-148 Javelin) खरीदने के लिए आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही एक अन्य बड़े घटनाक्रम में, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और अमेरिकी जैवलिन जॉइंट वेंचर (JJV) ने भारत में ही इस घातक हथियार प्रणाली के निर्माण और असेंबली के लिए हाथ मिलाया है। यह साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक स्थिरता को मजबूत करने के साथ भारतीय रक्षा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

भारत बना जैवलिन का आधिकारिक ग्राहक, समझौते पर लगी मुहर

अमेरिकी दूतावास की प्रवक्ता डाना जिए के अनुसार, भारत ने जैवलिन सिस्टम के लिए प्रस्ताव और स्वीकृति पत्र (LOA) पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस हस्ताक्षर के साथ ही भारत दुनिया के सबसे उन्नत मध्यम-दूरी ‘फायर-एंड-फॉरगेट’ एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम के प्रमुख ग्राहकों में शामिल हो गया है।

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स संभालेगी भारत में असेंबली और निर्माण की कमान

भारत में ‘मेक इन इंडिया’ और को-प्रोडक्शन (सह-उत्पादन) को बढ़ावा देने के लिए जैवलिन जॉइंट वेंचर (रेथियॉन और लॉकहीड मार्टिन का संयुक्त उपक्रम) ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को अपने प्राइम पार्टनर के रूप में चुना है। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां मिलकर भारत में जैवलिन सिस्टम के लिए एक समर्पित ‘फाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन फैसिलिटी’ स्थापित करने की संभावनाओं पर काम करेंगी।

भारत और अमेरिका दोनों के रक्षा तंत्र को मिलेगा बड़ा फायदा

इस संयुक्त उत्पादन से दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों और रक्षा उद्योग को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे:

  • स्थानीय विनिर्माण और हाई-टेक रोजगार: भारत में हाई-टेक रक्षा नौकरियों का सृजन होगा और स्वदेशी विनिर्माण विशेषज्ञता का तेजी से विस्तार होगा।

  • मजबूत ग्लोबल सप्लाई चेन: वैश्विक स्तर पर जैवलिन की भारी मांग को पूरा करने के लिए भारत एक मजबूत विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरेगा, जिससे अमेरिकी और भारतीय दोनों सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी।

  • रक्षा बलों की क्षमता में वृद्धि: भारतीय सेना को अत्याधुनिक, युद्ध-परीक्षित एंटी-टैंक हथियार प्रणाली की त्वरित और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

रणनीतिक सहयोग और आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया विस्तार

जैवलिन जॉइंट वेंचर के उपाध्यक्ष और कार्यक्रम निदेशक रिच लिसियन ने इस साझेदारी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि टाटा के साथ यह करार इंडो-पैसिफिक साझेदारी के लक्ष्यों को गति देगा और क्षेत्रीय रक्षा ढांचे को सशक्त बनाएगा। इससे साझेदार देश उभरती चुनौतियों का तुरंत जवाब देने में सक्षम होंगे।

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के सीईओ और एमडी सुकरन सिंह ने कहा कि लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन के साथ लंबे समय से चली आ रही साझेदारी में यह एक निर्णायक मोड़ है। यह पहल भारत के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में उन्नत असेंबली विशेषज्ञता और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण लाएगी, जिससे देश की रक्षा आत्मनिर्भरता और सेना की ऑपरेशनल तैयारी को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

 

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