
नई दिल्ली: पैक्ड फूड खाने के शौकीनों के लिए जल्द ही खरीदारी का तरीका बदलने वाला है। अब आपको पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में लिखी न्यूट्रिशन वैल्यू पढ़ने के लिए जूझना नहीं पड़ेगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर प्रस्ताव दिया है कि अधिक चीनी, सैचुरेटेड फैट और नमक वाले पैक्ड फूड पर सामने की तरफ लाल रंग का छह कोनों वाला चेतावनी लेबल (Red Hexagon Warning) अनिवार्य किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद FSSAI का कदम
यह हलफनामा जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच द्वारा लगाई गई कड़ी फटकार के बाद दाखिल किया गया है। कोर्ट ने पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी न होने को लेकर केंद्र सरकार और FSSAI से तीखे सवाल पूछे थे। कोर्ट ने पूछा था कि क्या वे बच्चों और नागरिकों को अस्वास्थ्यकर खानपान के खतरों से नहीं बचाना चाहते? साथ ही, दो हफ्ते के भीतर ठोस योजना पेश न करने पर न्यायिक आदेश जारी करने की चेतावनी दी थी।
कैसा होगा नया चेतावनी लेबल?
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षट्कोणीय लाल रंग (Red Hexagon): पैकेट के मुख्य हिस्से (फ्रंट) पर लाल रंग का छह-कोने वाला निशान छपेगा ताकि ग्राहक दूर से ही खतरे को समझ सकें।
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साफ संदेश: प्रोडक्ट में मौजूद तत्वों के आधार पर उस पर ‘ज़्यादा फैट’, ‘ज़्यादा चीनी’, ‘ज़्यादा नमक’ या ‘अत्यधिक मीठा पेय’ जैसी स्पष्ट चेतावनियां दर्ज होंगी।
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बड़ा फॉन्ट: यह चेतावनी पैकेट के पीछे मौजूद न्यूट्रिशन टेबल के फॉन्ट साइज़ से कम से कम एक पॉइंट बड़ी होगी ताकि आसानी से पढ़ी जा सके।
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ICMR गाइडलाइंस का आधार: पोषक तत्वों की सीमा ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन की 2024 की आहार संबंधी गाइडलाइंस के आधार पर तय की जाएगी।
दो चरणों में लागू होगा नया नियम
FSSAI ने फूड इंडस्ट्री को नए फॉर्मूले अपनाने का वक्त देने और ग्राहकों को जागरूक करने के लिए इसे दो चरणों में लागू करने का सुझाव दिया है:
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पहला चरण: उन उत्पादों पर लेबल लगेगा जिनमें तय सीमा से अधिक दो या उससे ज्यादा अस्वास्थ्यकर पोषक तत्व (फैट, चीनी या नमक) मौजूद हैं। इसके अलावा ज्यादा मीठे पेय पदार्थों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
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दूसरा चरण: इस चरण में दायरा बढ़ाकर उन सभी पैक्ड फूड्स को भी शामिल किया जाएगा जिनमें कोई एक पोषक तत्व भी तय सीमा से अधिक होगा।
किन उत्पादों को मिलेगी इस नियम से छूट?
FSSAI के मुताबिक, यह नियम सिंगल इंग्रीडिएंट (एकल सामग्री) वाले प्राकृतिक उत्पादों पर लागू नहीं होगा। घी, सरसों या रिफाइंड तेल, सादा नमक, चीनी, गुड़ और शहद जैसे प्राकृतिक उत्पाद इस चेतावनी लेबल के दायरे से बाहर रहेंगे, हालांकि इन पर सामान्य फूड सेफ्टी और पैकेजिंग नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
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