
देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 सितंबर को देश के कई राज्यों में अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात की गंभीर चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तर भारत और मैदानी राज्यों में झमाझम बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा पूर्वी राजस्थान में भी अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है।
मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में आंधी-तूफान के साथ भारी वर्षा
मध्य भारत के पश्चिमी व पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज आंधी, आकाशीय बिजली चमकने के साथ अत्यधिक बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का अनुमान है।
पूर्वोत्तर के सभी राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मौसम का कड़ा रुख देखने को मिलेगा, जहां तेज गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ व्यापक स्तर पर वर्षा की चेतावनी दी गई है।
पश्चिमी और दक्षिणी प्रायद्वीप में भी बिगड़ेगा मौसम का मिजाज
पश्चिमी तटवर्ती क्षेत्रों में कोंकण, गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक (उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक), रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और तेलंगाना में तेज बारिश होगी। विशेषकर पुडुचेरी और कराईकल में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं, आंधी और बिजली गिरने का विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में बाढ़ संकट गहराया: गंगा उच्चतम स्तर के पार, 11 जिलों में हाहाकार
इधर, बिहार में नदियां उफान पर होने से बाढ़ के हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। राज्य के 11 जिलों की करीब 10.26 लाख आबादी बाढ़ के पानी से घिर चुकी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पटना के गांधी घाट और पंडारक में गंगा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर अपने ‘उच्चतम बाढ़ स्तर’ (HFL) को पार कर गया है। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भागलपुर और नवगछिया के जलमग्न इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए।
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