Thursday , 3 September 2026

त्योहारों पर यूपी में नहीं कटेगी बिजली: योगी सरकार 15 सितंबर से चलाएगी ‘अनुरक्षण माह’, जर्जर तार बदलेंगे और हटेगा ‘जुगाड़’

आगामी प्रमुख त्योहारों नवरात्र, दशहरा और दीपावली पर प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कमर कस ली है। ग्रीष्म और वर्षा ऋतु के दौरान आंधी, तूफान, भारी बारिश और अत्यधिक विद्युत भार के कारण चरमराई बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) पूरे प्रदेश में 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक ‘अनुरक्षण माह’ (Maintenance Month) आयोजित करेगा। इस बड़े अभियान को लेकर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने प्रदेश की सभी विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के प्रबंध निदेशकों को कड़े और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

आंधी-बारिश से क्षतिग्रस्त उपकरणों और फीडर ट्रिपिंग का होगा स्थायी समाधान

यूपीपीसीएल अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने स्पष्ट किया कि भीषण गर्मी और मौजूदा मानसूनी मौसम के दौरान वितरण तंत्र के बुनियादी ढांचे पर अत्यधिक दबाव पड़ा है। इसके चलते कई जनपदों में ट्रांसफार्मरों, फीडरों, 33 केवी व 11 केवी लाइनों तथा एलटी लाइनों में तकनीकी गड़बड़ियां आई हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। इस समस्या से स्थायी रूप से निपटने के लिए अनुरक्षण माह के दौरान सभी 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों, शक्ति परिवर्तकों और वितरण ट्रांसफार्मरों की गहन जांच, साफ-सफाई और मरम्मत का काम युद्धस्तर पर किया जाएगा। जहां भी बार-बार फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या आ रही है, वहां तात्कालिक राहत देने के बजाय तकनीकी खामी की जड़ तक जाकर स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

‘जुगाड़’ तंत्र पर पूरी तरह रोक, बदले जाएंगे जर्जर तार

अभियान के दौरान वितरण नेटवर्क में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जर्जर व लटकते तारों, ढीले जोड़ों और क्षतिग्रस्त उपकरणों को तत्काल प्रभाव से बदला जाएगा। अक्सर ट्रांसफार्मरों पर मानकों की अनदेखी कर मनमाने तार बांध दिए जाते हैं, जिसे लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया गया है कि हर ट्रांसफार्मर पर उसकी तय क्षमता के अनुसार ही मानक सुरक्षा तार (फ्यूज वायर) लगाए जाएं और पूर्व में लगाए गए सभी ‘जुगाड़’ वाले तारों को तुरंत हटाया जाए।

बिजली लाइनों के पास पेड़ों की डालियों की युद्धस्तर पर छंटाई

हल्की आंधी या बारिश में भी अक्सर बिजली लाइनों के पास मौजूद पेड़ों की डालियां तारों से टकरा जाती हैं, जिसके चलते लाइन में फॉल्ट या ब्रेकडाउन हो जाता है। इस परेशानी से निजात पाने के लिए 15 सितंबर से शुरू हो रहे अभियान में विद्युत तारों के आसपास उगी टहनियों और डालियों की सघन छंटाई युद्धस्तर पर कराई जाएगी। साथ ही फीडरों पर लगे मापक यंत्रों (मीटर्स) की तकनीकी जांच होगी, जिससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और लोड का सही आकलन किया जा सके।

10 सितंबर तक बनेगी कार्य योजना, त्योहारों में शटडाउन से बचाव की रणनीति

यूपीपीसीएल ने सभी डिवीजनों को निर्देश दिया है कि वे 10 सितंबर तक अपने-अपने क्षेत्रों की विस्तृत कार्य योजना तैयार करें और जरूरी उपकरणों, तारों व स्पेयर पार्ट्स की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित कर लें, ताकि मरम्मत कार्य में किसी तरह की रुकावट न आए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि त्योहारों के मुख्य दिनों में किसी भी तरह का शटडाउन न लिया जाए। मरम्मत कार्य के लिए बिजली कटौती का समय इस तरह निर्धारित किया जाएगा जिससे आम जनता और उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हो।

अधिकारी करेंगे औचक निरीक्षण, 21 अक्टूबर से होगा काम का क्रॉस-वेरिफिकेशन

इस अनुरक्षण अभियान की जमीनी हकीकत परखने के लिए प्रबंध निदेशकों और मुख्य अभियंताओं समेत वरिष्ठ अधिकारियों को औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण किए जाने वाले उपकेंद्रों की जानकारी पहले से साझा नहीं की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर वास्तविक कार्यों की रिपोर्ट मिल सके। मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए 21 से 27 अक्टूबर के बीच डिस्कॉम और मुख्यालय स्तर पर विशेष टीमों द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। ऊर्जा विभाग ने सभी अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों से पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ इस अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया है।

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