Monday , 29 June 2026

तीसरे विश्व युद्ध का खतरा टला! अमेरिका और ईरान आधी रात जंग रोकने पर सहमत, कतर की राजधानी दोहा में कल होगी ‘महा-वार्ता’

वाशिंगटन/तेहरान। वैश्विक राजनीति और मिडिल ईस्ट (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। पिछले कई दिनों से युद्ध की कगार पर खड़े अमेरिका और ईरान आखिरकार एक-दूसरे पर हमले रोकने को लेकर पूरी तरह सहमत हो गए हैं। अमेरिकी न्यूज वेबसाइट ‘एक्सियोस’ (Axios) ने एक बेहद वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह सनसनीखेज और बड़ा दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों महाशक्तियों के बीच कल यानी मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में एक गुप्त और निर्णायक बैठक होने जा रही है। इस बैठक में दोनों देश दुनिया के सबसे संवेदनशील तेल आपूर्ति मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर अपने गहरे विवादों और मतभेदों को सुलझाने के लिए सीधे टेबल पर बैठेंगे।

दोहा में तकनीकी टीमों की भिड़ंत, निक स्टीवर्ट संभालेंगे कमान

‘एक्सियोस’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि दोनों पक्ष मंगलवार को कतर में आमने-सामने बैठकर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के विवाद को हल करने का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल दोहा वार्ता में अमेरिकी तकनीकी टीम की अगुवाई देश के शीर्ष अधिकारी निक स्टीवर्ट करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक दोनों देशों के बीच भविष्य के रिश्तों और वैश्विक तेल बाजार की कीमतों को तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी।

“हमने सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया”- अमेरिकी अधिकारी का बड़ा बयान

एक अमेरिकी अधिकारी ने मामले की गंभीरता को साफ करते हुए कहा, “मौजूदा हालातों को देखते हुए हमने फिलहाल सभी तरह की सैन्य कार्रवाइयां रोकने का बड़ा फैसला किया है।” वहीं एक अन्य शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों देश “फिलहाल” अपने कदम पीछे खींचेंगे, ताकि इस तकनीकी बातचीत के दौरान समुद्र में कमर्शियल ‘जहाज पूरी आजादी से आ-जा सकें’। मामले से जुड़े एक तीसरे अंतरराष्ट्रीय सूत्र ने भी मंगलवार को होने वाली इस ‘महा-बैठक’ की पुष्टि कर दी है।

परमाणु वार्ता से हटा ध्यान, अब सिर्फ होर्मुज जलडमरूमध्य पर फोकस

इस कूटनीतिक बातचीत के पीछे एक बड़ा दिलचस्प मोड़ भी सामने आया है। शुरुआत में यह अहम बैठक स्विट्जरलैंड में ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम (Iran Nuclear Program) पर चर्चा के लिए तय की गई थी। लेकिन हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए हिंसक सैन्य टकराव और समुद्र में बढ़े तनाव के बाद अचानक इसका वेन्यू (स्थान) बदलकर कतर की राजधानी दोहा कर दिया गया। इसके साथ ही बैठक का एजेंडा भी सीमित कर दिया गया है, अब सारा फोकस सिर्फ होर्मुज से जुड़े समुद्री सुरक्षा मुद्दों पर रहेगा। हालांकि, इस प्रस्तावित वार्ता पर अभी तक व्हाइट हाउस (White House) ने कोई आधिकारिक मुहर या टिप्पणी नहीं की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा कांटा, नाकाबंदी हटाने पर बनी थी बात

जानकारों की मानें तो होर्मुज जलडमरूमध्य ही दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लागू करने में सबसे बड़ा कांटा साबित हो रहा है। इससे पहले हुए एक समझौते में ईरान ने वादा किया था कि वह होर्मुज के रास्ते कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देगा। इसके बदले में अमेरिका ने भी बड़ा दिल दिखाते हुए ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी सख्त आर्थिक नाकाबंदी हटा ली थी। यही नहीं, पिछले हफ्ते स्विट्जरलैंड में हुई सीक्रेट मीटिंग के दौरान दोनों देश सीधे संवाद के लिए एक ‘हॉटलाइन’ (Hotline) स्थापित करने पर भी राजी हो गए थे।

ईरान ने रविवार की बैठक का क्यों किया था बहिष्कार?

सऊदी अरब के प्रमुख अखबार ‘अरब न्यूज’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस शांति वार्ता में रविवार को एक बड़ा गतिरोध भी देखने को मिला था। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रकाशन कार्यालय के रसूखदार सदस्य मेहदी फजाइली ने ईरान के सरकारी टीवी को बताया कि उनके देश पर हाल ही में हुए हमलों और अमेरिका द्वारा समझौते की शर्तों को पूरा न करने के विरोध में ईरान ने रविवार को होने वाली तकनीकी बातचीत का बहिष्कार कर दिया था। लेकिन अब अमेरिका के बैकफुट पर आने के बाद ईरान मंगलवार को दोहा में बातचीत के लिए टेबल पर आने को तैयार हो गया है।

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