Friday , 11 September 2026

गांधीनगर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन इमारत का स्लैब ढहने से मलबे में दबे 15 मजदूर, मची चीख-पुकार; घटनास्थल पर पहुंचे डिप्टी सीएम हर्ष संघवी

गांधीनगर। गुजरात की राजधानी गांधीनगर के कुडासन इलाके में बुधवार रात एक भीषण हादसा हो गया। यहां ‘बोस्की द एम्पायर’ नामक एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत का विशालकाय स्लैब भरभराकर नीचे गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में कार्यस्थल पर मौजूद करीब 15 मजदूर भारी मलबे के नीचे दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत हरकत में आईं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू कर सभी 15 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में 12 मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अस्पताल में 12 घायलों का चल रहा इलाज दमकल विभाग की चार गाड़ियों और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर तेजी से मलबा हटाने का काम शुरू किया। राहत दल ने तत्परता दिखाते हुए मलबे के नीचे फंसे सभी 15 मजदूरों को बाहर निकाल लिया। इनमें से 12 घायलों को इलाज के लिए तुरंत गांधीनगर सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, मामूली रूप से चोटिल तीन अन्य मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

क्रेन गिरने से स्लैब टूटने की शुरुआती आशंका प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जिस समय यह दुर्घटना हुई, उस वक्त इमारत में वेल्डिंग और अन्य संरचनात्मक काम चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि अचानक एक भारी क्रेन अनियंत्रित होकर स्लैब पर गिर गई, जिसके भारी वजन और धक्के से निर्माणाधीन स्लैब का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। हालांकि, हादसे की सही तकनीकी वजह का पता लगाने के लिए प्रशासन विस्तृत जांच करा रहा है।

घटनास्थल पर पहुंचे डिप्टी सीएम हर्ष संघवी हादसे की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी खुद घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने मौके पर मौजूद आला अधिकारियों से घटना का पूरा ब्योरा लिया और घायलों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। संघवी ने सिविल अस्पताल जाकर घायलों की स्थिति की भी समीक्षा की।

सुरक्षा मानकों और निर्माण गुणवत्ता की होगी जांच हादसे की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्र से भारी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए, जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर घटनास्थल से दूर किया ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न पहुंचे। इस घटना के बाद इमारत के निर्माण में अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, क्रेन के संचालन और कार्यस्थल पर कामगारों की सुरक्षा व्यवस्था समेत सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।

 

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