
लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले की रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एलएलबी कोर्स की मान्यता रद्द होने के बावजूद दाखिले जारी रखने के विरोध में छात्रों और एबीवीपी (ABVP) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें 25 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से गुस्साए छात्र और कार्यकर्ता देर रात जिला अस्पताल और डीएम आवास पर पहुंचे और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
सोमवार को यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर एलएलबी छात्र और एबीवीपी कार्यकर्ता एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि मान्यता रद्द होने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रबंधन दाखिले ले रहा है। इस बीच छात्रों और पुलिस के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें कई छात्रों को चोटें आईं जिन्हें पहले जिला अस्पताल, फिर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
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घायलों को अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद भी विवाद थमा नहीं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर बेड और इलाज नहीं मिल रहा। इस पर उन्होंने सीएमओ अवधेश यादव के सामने ही हंगामा किया और नारेबाजी की। दबाव बढ़ने पर सीएमओ ने सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देकर तुरंत लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए भाजपा के मंत्री सतीश शर्मा और ज़िला अध्यक्ष अरविंद मौर्य अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को घायल छात्रों के इलाज में लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया।
लाठीचार्ज के बाद छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा पुलिस और प्रशासन पर फूट पड़ा। उनका आरोप था कि पुलिस ने असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर उन पर हमला किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने डीएम और एसपी को अस्पताल में घुसने से रोक दिया और नारेबाजी करते हुए उन्हें वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। हालात काबू में लाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राणा को हटाकर उनकी जगह सुधीर सिंह को नया कोतवाल नियुक्त किया।
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