
सीतापुर.। . सीतापुर के महोली थाना क्षेत्र में देर शाम दो महीने से चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत बुधवार शाम वन विभाग को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। नरनी गांव में गन्ने के खेत में छिपे एक बाघ के शावक को आखिरकार ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया गया है। यह सफलता एक महीने के भीतर बाघ, बाघिन और उनके दो शावकों को पकड़ने की श्रृंखला में एक और कड़ी है। हालांकि, एक और शावक अभी भी इलाके में मौजूद है जिसकी तलाश की जा रही है।
बाघ, बाघिन और शावकों का आतंक
पिछले दो महीनों से महोली क्षेत्र में बाघों का आतंक बना हुआ था। वन विभाग ने पहली सफलता तब हासिल की जब उसने एक बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा, जिसने इलाके में दहशत फैला रखी थी।
5 अक्टूबर को बाघ के पकड़े जाने के बाद, उसके शावकों के साथ घूम रहे एक नर बाघ को भी ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद किया गया।
8 अक्टूबर 2025: बुधवार को नरनी गांव में बाघिन के दो शावकों में से एक को भी पकड़ लिया गया है।
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— VOI news (@VOInews52262693) October 8, 2025
ड्रोन से निगरानी और कड़ी मशक्कत
बाघिन और बाघ के पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम लगातार दोनों शावकों की तलाश कर रही थी।
ड्रोन कैमरे की मदद: टाइगर एक्सपर्ट टीम ने पिछले 24 घंटों से ड्रोन कैमरों के जरिए शावकों पर नजर रखी हुई थी। बुधवार शाम करीब 6 बजे दोनों शावक एक खेत में देखे गए। टीम ने तुरंत खेत के चारों ओर जाल बिछाकर उनकी घेराबंदी की। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद, विशेषज्ञों ने एक शावक को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया।
ग्रामीणों को मिली राहत
लगातार होती इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। इस सफल ऑपरेशन से वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
इस अभियान का नेतृत्व कर रहे डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि दूसरे शावक को भी जल्द पकड़ने का प्रयास जारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
वन विभाग शावकों को पकड़ने के बाद उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर भेजने की तैयारी में है। इससे पहले पकड़ी गई बाघिन को गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया था।
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