Wednesday , 14 January 2026

दो दर्दनाक घटनाएँ : मम्मी पापा मेरा क्या कसूर था जो जन्म लेते ही दफना दिया…रोने की आवाज़ पर

-शिवली में नवजात बच्ची को झाडिय़ों में फेंका
-सिकंदरा में नवजात बेटे को जिंदा मिट्टी में दबाया

कानपुर देहात। पता नहीं उन दोनों मां की क्या मजबूरी थी अपनी कोख में नौ महीने पालने के बाद जन्म देते ही त्याग दिया। वह पापा भी क्या कठोर था कितने नाजुक से बच्चों को झाडिय़ों के पास मिट्टी में दफन कर दिया। यह तो राह चलते देवदूतों की मेहरबानी थी कि दोनों नवजात सुरक्षित हैं। यकीन कीजिए दोनों बच्चे बोलने बात करने में सक्षम होते तो शायद कुछ ऐसा ही कहते। शिवली में नवजात बच्ची झाडिय़ों में फेंक दी गई जबकि सिकंदरा में नवजात बालक जिंदा मिट्टी में दबा दिया गया। दोनों के रोने की आवाजें सुनकर पहुंचे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। उन्हें अस्पताल में रखा गया है। फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं।

केस एक-
शिवली के अलियापुर गांव के पास शुक्रवार को नवजात के रोने की आवाजें सुनकर वहां से निकल रहे शिक्षक आलोक कुमार रूक गए। उन्होंने देखा तो बिना कपड़ों के झाडिय़ों किनारे एक नवजात बच्ची पड़े मां के आंचल के लिए रो रही थी। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी। हेल्पलाइन की परियोजना समन्वयक रिचाि तिवारी ने बच्ची को सीएचसी पहुंचाया। वह डाक्टरों की देखरेख में सुरक्षित है।

केस दो –
सिकंदरा थाना के मदनपुर गांव के पास गुरुवार को बकरी चराने गई सुनीता ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। उसने देखा कि एक खेत में मिट्टी में दबा नवजात रो रहा है। उसने तत्काल मिट्टी हटाकर बाहर निकाला। घर ले गई वहां साफ सफाई कर उसे रात भर रखा। शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से नवजात को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया। नवजात की हालत सामन्य है।

Check Also

KGMU केस में चौंकाने वाला खुलासा: आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक का जाकिर नाईक से था सीधा संपर्क….पूछताछ में खुले कई बड़े राज़

Lucknow KGMU Love Jihad : लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में महिला डॉक्टर …