
जीएसटी काउंसिल की आज हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं. सरकार ने 12 और 28 फीसदी के स्लैब को खत्म कर दिया है. हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस को जीएसटी से बाहर कर दिया गया है, जिसकी काफी वक्त से मांग थी. नए फैसले 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे.
जीएसटी काउंसिल के फैसलों से आम जनता और खासकर मिडिल क्लास को बहुत फायदा होगा. खाने-पीने की चीजों से लेकर दवाइयां और यहां तक कि छोटी कारें और इलेक्ट्रॉनिक आइटम सस्त हो जाएंगे, जिससे उनकी जेब में काफी पैसा बचेगा. आइए जानते हैं इनके बारे में.
रोजमर्रा के जरूरी सामान हुए सस्ते

- हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, टॉयलेट सोप बार, टूथ ब्रश, शेविंग क्रीम: 18% → 5%.
- बटर, घी, चीज और डेयरी स्प्रेड्स: 12% → 5%.
- प्री पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, मिक्सचर: 12% → 5%.
- बर्तन: 12% → 5%.
- बेबी फीडिंग बॉटल्स, नैपकिन्स, क्लिनिकल डायपर्स: 12% → 5%.
- सिलाई मशीन और पार्ट्स: 12% → 5%.
क्या होगा लोगों पर असर: ये सारी चीजें सस्ती होने की वजह से लोगों को रोजमर्रा में जो खर्च करना पड़ता था, उसमें कमी आएगी.
हेल्थकेयर सेक्टर में राहत का पैकेज
- इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस: 18% → Nil.
- थर्मामीटर: 18% → 5%.
- मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन: 12% → 5%.
- सभी डायग्नोस्टिक किट्स और रिएजेंट्स: 12% → 5%.
- ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप्स: 12% → 5%.
- करेक्टिव स्पेक्टेकल्स: 12% → 5%.
क्या होगा लोगों पर असर: बीमा प्रीमियम पर सीधे जीएसटी खत्म होने से परिवारों की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा. डायग्नोस्टिक्स और उपकरण सस्ते होने से इलाज की कुल लागत घटेगी.
एजुकेशन अब और किफायती हो गई
मैप्स, चार्ट्स, ग्लोब्स: 12% → Nil.
पेंसिल, शार्पनर, क्रेयोन्स, पेस्टल्स: 12% → Nil.
एक्सरसाइज बुक्स और नोटबुक्स: 12% → Nil.
इरेजर: 5% → Nil.
क्या होगा लोगों पर असर: इसकी वजह से स्कूल किट सस्ती हो जाएगी, जिससे माता-पिता को सीधी राहत मिलेगी, खासकर छोटे बच्चों की पढ़ाई के खर्च में कमी आएगी.
इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंसेज पर भारी कटौती
एअर कंडीशनर्स: 28% → 18%.
32 इंच से बड़े टेलीविजन (LED/LCD सहित): 28% → 18%.
मॉनिटर्स और प्रोजेक्टर्स: 28% → 18%.
डिश वॉशिंग मशीन: 28% → 18%.
क्या होगा लोगों पर असर: इसकी वजह से अपग्रेड और रिप्लेसमेंट डिमांड बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को बूस्ट मिलेगा.
ऑटोमोबाइल्स होंगे किफायती
पेट्रोल, पेट्रोल हाइब्रिड, एलपीजी, सीएनजी कारें (1200cc और 4000mm तक): 28% → 18%.
डीजल और डीजल हाइब्रिड कारें (1500cc और 4000mm तक): 28% → 18%.
थ्री व्हीलर्स: 28% → 18%.
मोटर साइकिल्स (350cc और नीचे): 28% → 18%.
गुड्स ट्रांसपोर्ट के मोटर व्हीकल्स: 28% → 18%.
क्या होगा लोगों पर असर: एंट्री लेवल और सिटी सेगमेंट में ऑन रोड कीमत घटेगी, डिमांड रिवाइवल को मदद मिलेगी. गाड़ी खरीदने वाले लोगों को कम पैसे खर्च करने होंगे. वहीं इस सेक्टर में लोगों की भागीदारी भी बढ़ने की उम्मीद है.
voice of india