Wednesday , 13 May 2026

योगी सरकार का बड़ा एक्शन: कानपुर देहात में 400 करोड़ का जमीन घोटाला, पूर्व ADM और बैंक अफसरों पर FIR से मचा हड़कंप

कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक और बड़ी स्ट्राइक की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद प्रशासन ने कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र में हुए करीब 400 करोड़ रुपये के विशालकाय जमीन घोटाले की परतें उधेड़ दी हैं। इस मामले में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (ADM) समेत कई दिग्गज कंपनियों और बैंकों के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

थर्मल पावर प्लांट के नाम पर हुआ बड़ा खेल

पूरे मामले की जड़ें साल 2011 से जुड़ी हैं, जब क्षेत्र के चपरघटा, कृपालपुर, भुण्डा, रसूलपुर और भरतौली जैसे गांवों की ग्राम समाज और निजी काश्तकारों की लगभग 2332 एकड़ जमीन थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई थी। हिमावत पावर और लैन्को अनपरा पावर कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे 3 साल के भीतर बिजली उत्पादन शुरू करेंगी। लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी मौके पर ईंट तक नहीं रखी गई। समझौते की शर्तों को ताक पर रखकर कंपनियों ने इस सरकारी जमीन का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए करना शुरू कर दिया।

सरकारी जमीन को बैंक में रखकर निकाला 1500 करोड़ का कर्ज

जांच में जो खुलासा हुआ उसने अधिकारियों के होश उड़ा दिए। जिन कंपनियों को बिजली घर बनाना था, उन्होंने बिना सरकार की अनुमति के इस बेशकीमती जमीन को बैंकों के पास गिरवी रख दिया। सूत्रों के अनुसार, इस भूमि के आधार पर आईडीबीआई (IDBI), केनरा बैंक और पीएनबी (PNB) जैसे बड़े बैंकों से करीब 1500 करोड़ रुपये का मोटा कर्ज डकार लिया गया। न तो वहां बिजली घर बना और न ही बैंकों का पैसा वापस लौटाया गया। जब बैंकों ने इस सरकारी भूमि को नीलाम करने की कोशिश की, तब जाकर इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ।

पूर्व ADM और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत आई सामने

जिलाधिकारी कपिल सिंह की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस पूरे घोटाले को तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) ओ.के. सिंह और संबंधित बैंकों के अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया। राजस्व को भारी क्षति पहुँचाते हुए नियमों को ताक पर रखा गया। वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से इस जमीन की कीमत 300 करोड़ से अधिक है, जबकि बाजार में इसकी वैल्यू इससे कहीं ज्यादा आंकी जा रही है। डीएम के निर्देश पर तत्काल नीलामी पर रोक लगाकर जमीन को पुनः सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराया गया है।

थाना मूसानगर में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

शासन की हरी झंडी मिलते ही भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह की तहरीर पर थाना मूसानगर में जालसाजी, धोखाधड़ी और साजिश रचने की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई की जद में पूर्व एडीएम, दोनों पावर कंपनियों के प्रमोटर्स और कर्ज देने वाले बैंकों के जिम्मेदार अधिकारी शामिल हैं। योगी सरकार की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले सफेदपोशों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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