Friday , 17 April 2026

संसद में महा-बहस के बीच आधी रात को लागू हुआ महिला आरक्षण अधिनयम- 2023, कानून मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन

नई दिल्ली।  भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित करते हुए केंद्र सरकार ने ‘महिला आरक्षण अधिनियम-2023’ को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। गुरुवार देर रात केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के बाद अब देश की संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलते ही यह कानून अस्तित्व में आ गया है, जिसने देश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है।

संसद के विशेष सत्र में आधी रात तक चली मैराथन बहस

संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा का आज दूसरा दिन है। सदन की कार्यवाही कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले दिन करीब 13 घंटे तक विस्तृत बहस चली, जो देर रात एक बजे तक जारी रही। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए कुल 15 घंटे का समय निर्धारित किया है। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है।

लोकसभा में आज दोपहर 3 बजे राहुल गांधी का संबोधन, शाम को वोटिंग

आज का दिन संसदीय कार्यवाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। दोपहर 3 बजे विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन में अपनी बात रखेंगे और आरक्षण की बारीकियों व परिसीमन को लेकर सरकार को घेर सकते हैं। राहुल गांधी के संबोधन के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह सरकार की ओर से विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे। कार्यसूची के अनुसार, शाम 4 बजे इन विधेयकों पर मतदान होना तय है। सदन में प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई और के.सी. वेणुगोपाल जैसे दिग्गज नेताओं ने इस प्रस्ताव पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

परिसीमन को लेकर विपक्ष की आशंका और प्रियंका गांधी का विरोध

चर्चा के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने परिसीमन की प्रक्रिया पर गहरी आशंका व्यक्त की। उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि पूरे देश में सीटों का पुनर्गठन (काट-छांट) किया जा सकता है, जिससे राज्यों का राजनीतिक संतुलन बिगड़ सकता है। विपक्ष का मुख्य तर्क यह है कि परिसीमन के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश न की जाए। प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि आरक्षण की मंशा तो सही है, लेकिन इसकी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।

‘मोदी की गारंटी’— किसी भी राज्य के साथ नहीं होगा भेदभाव

विपक्ष के हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में करीब 35 मिनट का जोशीला संबोधन दिया। प्रधानमंत्री ने विपक्ष को आश्वस्त करते हुए कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे “मोदी की गारंटी” करार दिया और भरोसा दिलाया कि सभी राज्यों के हितों का समान रूप से ध्यान रखा जाएगा। पीएम मोदी ने उदारता दिखाते हुए यह भी कहा कि यदि विपक्ष चाहे, तो इस ऐतिहासिक कदम का पूरा श्रेय ले सकता है, लेकिन देश की महिलाओं के अधिकारों के बीच बाधा न बने।

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