लखनऊ/दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक विनोद सिंह गंभीर कानूनी और राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाली महिला ने विधायक पर दुष्कर्म के प्रयास, छेड़छाड़, अश्लील हरकतें करने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। महिला ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई, वहीं विधायक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ रची गई एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
‘बेटी के सामूहिक दुष्कर्म की धमकी देकर बुलाया, फिर की हैवानियत की कोशिश’
महिला ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी आपबीती साझा की। महिला के मुताबिक, वह और उसका परिवार लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक नामी अपार्टमेंट में किराए पर रहते थे, जहां चौथी मंजिल पर विधायक विनोद सिंह भी रहते हैं। महिला का आरोप है कि पिछले 3-4 महीनों से विधायक का गनर धनंजय यादव उस पर दबाव बना रहा था और उसकी 10 साल की मासूम बेटी का सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) कराने की धमकी देता था।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 3 जून की देर रात करीब 10:30 बजे गनर के बुलावे पर जब वह डर के मारे विधायक के फ्लैट पर पहुंची, तो शराब के नशे में धुत विधायक ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। महिला ने दावा किया कि विधायक ने उसके कपड़े फाड़ दिए और अश्लील हरकतें कीं। किसी तरह उन्हें धक्का देकर वह अपनी आबरू बचाकर वहां से भागने में सफल रही।
‘प्रशासन से नहीं मिली मदद, फर्जी मामलों में फंसाने का आरोप’
महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि वारदात के बाद उसने हजरतगंज थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही रिसीविंग कॉपी दी। महिला का दावा है कि विधायक के रसूख के कारण उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। महिला ने आरोप लगाया कि विधायक का मैनेजर अनिल सिंह उनके लिए काम करता है और विधायक के रिश्तेदार पुलिस-प्रशासन के बड़े पदों पर हैं, जिसकी वजह से उसकी लोकेशन ट्रेस कर उसे और उसके परिवार को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है।
पीड़िता ने यह भी कहा कि जब उसने महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई, तो बदले की भावना से विधायक ने उसके और उसके पति के खिलाफ लखनऊ में 420 (धोखाधड़ी) का झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया।
विधायक विनोद सिंह की सफाई: ‘पति पर फर्जीवाड़े की FIR दर्ज, गिरफ्तारी से बचने के लिए चरित्र हनन’
दूसरी तरफ, अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक विनोद सिंह ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पूरे मामले को बेबुनियाद और साजिश का हिस्सा बताया है। विधायक का कहना है कि महिला का पति एक शातिर जालसाज है, जिसने खुद को पीएमओ (PMO) में तैनात आईएएस (IAS) अधिकारी का भाई बताकर उनसे संपर्क बढ़ाया था।
विधायक विनोद सिंह के अनुसार, आरोपी पति ने फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) का गोदाम और वेयरहाउस दिलवाने का झांसा देकर उनसे दस्तावेज तैयार करवाए और केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के नाम से एक फर्जी एनओसी (NOC) थमा दी। जब उन्हें शक हुआ और उन्होंने दिल्ली ऑफिस से वेरिफिकेशन कराया, तो पूरा दस्तावेज फर्जी निकला।
विधायक ने बताया कि फर्जीवाड़ा उजागर होने पर उन्होंने हजरतगंज थाने में दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। आरोपी पति ने हाईकोर्ट से राहत पाने की कोशिश की, लेकिन अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। विधायक का दावा है कि पुलिस की गिरफ्तारी से बचने और ब्लैकमेल करने के मकसद से महिला को ढाल बनाकर उनका चरित्र हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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