कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्ता का सिंहासन किसके पास जाएगा, इसका अंतिम और सबसे निर्णायक फैसला आज होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण के तहत बुधवार, 29 अप्रैल को राज्य की शेष 142 सीटों पर मतदान शुरू हो चुका है। यह चरण न केवल सीटों की संख्या के लिहाज से बड़ा है, बल्कि राजनीतिक रसूख के मामले में भी सबसे अहम माना जा रहा है। दक्षिण बंगाल और कोलकाता के इन गढ़ों में होने वाली वोटिंग ही तय करेगी कि ‘दीदी’ की सत्ता बरकरार रहेगी या ‘कमल’ अपना परचम लहराएगा।
दिग्गजों की अग्निपरीक्षा: भवानीपुर से भांगड़ तक कांटे की टक्कर
इस अंतिम प्रहार में राज्य के सबसे बड़े चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से मैदान में हैं, जहां भाजपा के शुभेंदु अधिकारी उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं। वहीं, बालीगंज सीट पर टीएमसी के वरिष्ठ मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय की साख दांव पर है। वामपंथ की उभरती हुई फायरब्रांड नेता मीनाक्षी मुखर्जी उत्तरपाड़ा से अपनी किस्मत आजमा रही हैं। कोलकाता के कद्दावर नेता देबाशीष कुमार (रासबिहारी) और अतीन घोष (काशीपुर-बेलगाछिया) भी अपनी सीटों पर पसीना बहा रहे हैं। इधर, भांगड़ में आईएसएफ के नौशाद सिद्दीकी पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जो पिछली बार विपक्ष का इकलौता चेहरा बनकर उभरे थे।
3.21 करोड़ मतदाता करेंगे 1,448 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला
आंकड़ों पर नजर डालें तो यह चरण बेहद विशाल है। 8 प्रमुख जिलों की 142 सीटों पर कुल 1,448 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। करीब 3.21 करोड़ मतदाता आज लोकतंत्र के उत्सव में भागीदारी करेंगे। कोलकाता उत्तर और दक्षिण की 11 सीटों के अलावा, उत्तर 24 परगना की 33 और दक्षिण 24 परगना की 31 सीटें हार-जीत का अंतर तय करेंगी। इसके साथ ही हुगली की 18, नदिया की 17, हावड़ा की 16 और पूर्व बर्द्धमान की 16 सीटों पर भी सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
सुरक्षा के कड़े पहरे में ‘अति-संवेदनशील’ इलाके, ड्रोन से निगरानी
चुनाव आयोग ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। इस चरण को ‘अति-संवेदनशील’ श्रेणी में रखते हुए करीब 2.5 लाख केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। भांगड़, संदेशखाली और बैरकपुर जैसे क्षेत्रों को ‘क्रिटिकल जोन’ घोषित किया गया है। कोलकाता के घनी आबादी वाले मोहल्लों और हुगली-हावड़ा के औद्योगिक बेल्ट में ड्रोन के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। हर बूथ पर वेबकास्टिंग और माइक्रो-ऑब्जर्वर की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है ताकि निष्पक्ष मतदान हो सके।
किन मुद्दों पर पड़ रहे हैं वोट?
इस बार के चुनावी समर में मतुआ समुदाय की नागरिकता का मुद्दा सबसे ऊपर रहा है। इसके अलावा संदेशखाली की हालिया घटनाएं, शहरी विकास, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा जैसे विषयों ने मतदाताओं के रुख को प्रभावित किया है। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हो चुका है और शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। शाम होते-होते ईवीएम में कैद होने वाली जनता की राय 2026 के नए राजनीतिक सूर्योदय की इबारत लिखेगी।
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