Wednesday , 24 June 2026

UP Coaching Centers Sealed: सीएम योगी के आदेश पर पूरे UP में महाअभियान, खान सर के कोचिंग सेंटर समेत 100 से ज्यादा संस्थान सील; बेसमेंट क्लासरूम पर बड़ा एक्शन

लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार एक्शन मोड में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा तलाशी और सीलिंग अभियान शुरू हो गया है। सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी करने वाले 100 से अधिक कोचिंग सेंटरों को प्रशासन ने आनन-फानन में सील कर दिया है।

अधिकारियों की संयुक्त टीमों (Joint Teams) ने लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा जैसे बड़े महानगरों सहित राज्य के तमाम जिलों में मंगलवार देर रात तक ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई से नियम ताक पर रखकर कोचिंग चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया है।

फायर सेफ्टी में मिलीं गंभीर खामियां, खान सर का कोचिंग सेंटर सील

इस महाअभियान के तहत प्रयागराज (इलाहाबाद) में सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। देश के प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ (Khan Global Studies) पर भी प्रशासन का ताला लटक गया है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) और फायर सेफ्टी विभाग की संयुक्त जांच में खान सर के सिविल लाइंस स्थित इस सेंटर पर सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर को सील कर दिया।

पार्किंग की जगह बेसमेंट में चल रही थीं क्लासें, बच्चों की जान से खिलवाड़

कानपुर के सबसे बड़े एजुकेशन हब ‘काकादेव’ में जांच टीम को बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली हकीकत देखने को मिली। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने पाया कि कई बहुमंजिला इमारतों के बेसमेंट, जो सिर्फ गाड़ियों की पार्किंग के लिए पास थे, वहां अवैध रूप से सैकड़ों बच्चों के बैठने के लिए क्लासरूम और लाइब्रेरी बना दी गई थीं। काकादेव इलाके में ही मंगलवार शाम तक 30 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों को सील किया गया है, जिनकी फायर एनओसी (NOC) भी वैध नहीं थी। इसके अलावा मीरजापुर में भी करीब एक दर्जन सेंटर्स पर ताला जड़ा गया है।

प्रयागराज में सिर्फ 15 के पास एनओसी, वाराणसी में बिना नक्शे के चल रहे थे सेंटर

प्रयागराज के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) चंद्र मोहन शर्मा ने एक हैरान करने वाला खुलासा करते हुए बताया कि शहर के 97 पंजीकृत (Registered) कोचिंग सेंटरों में से केवल 15 के पास ही वैध फायर एनओसी थी। विभाग ने जांच के लिए 10 विशेष टीमों का गठन किया है। वहीं, धर्मनगरी वाराणसी (काशी) में भी वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और फायर ब्रिगेड ने सोमवार से ही जांच शुरू कर दी थी। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि बनारस में कई कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरियां बिना नक्शा पास कराए ही अवैध रूप से चलाई जा रही थीं, जिन्हें मौके पर ही सील कर दिया गया। इसके अलावा जौनपुर और चंदौली में भी यह अभियान तेजी से चल रहा है।

जिलाधिकारी ने बुलाई आपात बैठक, बेसमेंट से कोचिंग हटाने के सख्त आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में आदेश दिए हैं कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी हाल में अस्पताल और कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित नहीं होने चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले सेंटरों को तुरंत बंद करने का जिम्मा पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सौंपा गया है। इस महासंकट और कार्रवाई के बीच स्थिति की समीक्षा करने के लिए जिलाधिकारी (DM) ने आज सुबह 10 बजे जिले के सभी कोचिंग संचालकों की एक महत्वपूर्ण आपात बैठक भी बुलाई है, जिसमें सुरक्षा मानकों (Emergency Exit और फायर उपकरण) को लेकर कड़े दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

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