Friday , 29 May 2026

ट्रम्प की दो टूक: ‘ईरान को किसी भी हाल में नहीं बनाने देंगे परमाणु बम’, होर्मुज पर छिड़ी आर-पार की जंग

फ्लोरिडा/वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। फ्लोरिडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने साफ कर दिया कि वह ईरान को परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल नहीं करने देंगे, क्योंकि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने दावा किया कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ जंग में नहीं उतरता, तो इजरायल, मिडिल ईस्ट और यूरोप अब तक तबाह हो चुके होते।

“पागलों के हाथ में नहीं दे सकते परमाणु बटन”: ट्रम्प का बड़ा दावा

ट्रम्प ने अपने भाषण में कहा कि उन्होंने शांति वार्ता के लिए ईरान के ताज़ा प्रस्ताव को फिर से ठुकरा दिया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का जिक्र तक नहीं किया, जिससे ट्रम्प बेहद नाराज हैं। ट्रम्प की मांग है कि ईरान को बातचीत की मेज पर आने से पहले अपना पूरा ‘एनरिच्ड यूयूरेनियम’ (Enriched Uranium) अमेरिका को सौंपना होगा। ट्रम्प ने सख्त लहजे में कहा, “हम ऐसे पागलों के हाथ में परमाणु हथियार जाने का जोखिम नहीं ले सकते।”

संसदीय मंजूरी की जरूरत नहीं, ईरान युद्ध ‘खत्म’ होने का ऐलान

इस बीच व्हाइट हाउस ने अमेरिकी संसद को एक आधिकारिक पत्र भेजकर सूचित किया है कि ईरान के साथ युद्ध अब समाप्त हो चुका है। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उन्हें भविष्य की किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए संसद की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने उन सांसदों को ‘देशभक्त नहीं’ करार दिया जो इसके लिए विधायी मंजूरी की मांग कर रहे थे। वहीं, अमेरिकी सेना (CENTCOM) के कमांडर ने राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ संभावित नए हमलों के विकल्पों की ब्रीफिंग भी दी है।

होर्मुज में सन्नाटा: 90% घटा जहाजों का ट्रैफिक

ईरान और अमेरिका के बीच मचे घमासान का सबसे बुरा असर वैश्विक व्यापार पर पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से हर दिन औसतन 130 जहाज गुजरते थे, वहां अब सन्नाटा पसरा है और रोजाना 10 से भी कम जहाज निकल पा रहे हैं। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जो कंपनियां होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को ‘चैरीटी’ के नाम पर भी पैसा देंगी, उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इस बीच, भारत से जुड़ा ‘सर्व शक्ति’ नामक टैंकर 45,000 टन एलपीजी लेकर इस खतरनाक रास्ते को पार करता देखा गया है।

अबू धाबी के अल धाफरा एयर बेस पर ईरानी हमले के बाद नुकसान की सैटेलाइट तस्वीर। (सोर्स-AP)

ईरान का पलटवार: अमेरिकी जनता से की सवाल पूछने की अपील

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ट्रम्प प्रशासन पर ‘गैर-कानूनी युद्ध’ थोपने का आरोप लगाया है। ईरान ने एक वीडियो जारी कर अमेरिकी जनता से अपील की है कि वे अपनी सरकार से पूछें कि बिना किसी उकसावे के यह हमला क्यों किया गया। इस वीडियो में अमेरिकी सांसद किर्स्टन गिलिब्रैंड को यह कहते सुना जा सकता है कि अमेरिका के पास इस बात का कोई सबूत नहीं था कि ईरान उन पर हमला करने वाला था।

खाड़ी देशों में तबाही: 16 अमेरिकी सैन्य बेस मिट्टी में मिले

CNN की एक हालिया जांच रिपोर्ट ने दुनिया को चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के मिसाइल और सटीक ड्रोन हमलों ने 8 देशों में मौजूद कम से कम 16 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कुवैत का कैंप ब्यूहरिंग जैसे बेस अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। इन हमलों में 50 करोड़ डॉलर की कीमत वाले ‘बोइंग ई-3 सेंट्री’ जैसे विमान और रडार सिस्टम भी नष्ट हुए हैं। जानकारों का कहना है कि चीन के अत्याधुनिक सैटेलाइट डेटा की मदद से ईरान के हमले अब पहले से कहीं ज्यादा सटीक हो गए हैं।

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