Tuesday , 5 May 2026

माफिया के साम्राज्य पर ‘वज्र’ प्रहार: मुख्तार के ‘फाटक’ पर आधी रात को पुलिस की दस्तक, आफ्शां की तलाश में 61 ठिकानों पर छापेमारी

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने माफिया मुख्तार अंसारी के साम्राज्य को जड़ से उखाड़ने के लिए अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। संगठित आपराधिक गिरोह ‘IS-191 गैंग’ के खिलाफ पुलिस ने ‘ऑपरेशन वज्र’ के तहत आधी रात को एक साथ 61 ठिकानों पर छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। इस मेगा ऑपरेशन का मुख्य केंद्र मुख्तार का पैतृक आवास ‘फाटक’ रहा, जहां पुलिस ने 50 हजार की इनामी और फरार चल रही मुख्तार की पत्नी आफ्शां अंसारी की तलाश में चप्पा-चप्पा छान मारा।

‘फाटक’ पर भारी पुलिस बल की दस्तक, सिबगतुल्लाह अंसारी से पूछताछ

देर रात जब पूरा शहर सो रहा था, तब भारी पुलिस बल ने मुहम्मदाबाद स्थित अंसारी परिवार के आवास ‘फाटक’ को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस की टीमें सांसद अफजाल अंसारी के घर भी पहुंचीं। इस दौरान मुख्तार के बड़े भाई और पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी से पुलिस ने घंटों पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस यह पुख्ता करना चाहती है कि आफ्शां अंसारी को पनाह देने में कौन लोग मदद कर रहे हैं। पुलिस ने घर के हर कोने की तलाशी ली, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी रही।

5 थानों की फोर्स और 12 टीमें: एसपी डॉ. ईरज राजा का मास्टरप्लान

गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा था। उन्होंने मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, करंडा, जंगीपुर और सदर कोतवाली की 12 विशेष टीमों को मैदान में उतारा। एसपी ने बताया कि पुलिस को इनपुट मिले थे कि गैंग के सदस्य जिले की शांति व्यवस्था बिगाड़ने और अवांछनीय गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर 24 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त ठिकानों पर पूछताछ जारी है।

90 हथियारों का सत्यापन और आर्थिक नेटवर्क पर चोट

पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि गैंग की आर्थिक और बाहुबल की रीढ़ तोड़ने की भी तैयारी है। जांच में सामने आया है कि इस गैंग से जुड़े करीबियों के पास 90 लाइसेंसी हथियार हैं। एसपी के मुताबिक, इनमें से कई के लाइसेंस रद्द हो चुके हैं, जिनका अब भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस यह देख रही है कि रद्द होने के बाद ये हथियार मालखाने में जमा हुए या नहीं। साथ ही, सभी सदस्यों का नया ‘डोजियर’ तैयार किया जा रहा है ताकि भविष्य में इनकी हर हरकत पर नजर रखी जा सके।

फरार सदस्यों के लिए सर्विलांस टीमें सक्रिय

छापेमारी के दौरान जो सदस्य अपने घरों पर नहीं मिले, उनके पीछे पुलिस की सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीमें लगा दी गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि माफिया नेटवर्क से जुड़े किसी भी सफेदपोश या मददगार को बख्शा नहीं जाएगा। ‘ऑपरेशन वज्र’ के जरिए पुलिस आफ्शां अंसारी पर आत्मसमर्पण का दबाव बना रही है। गाजीपुर पुलिस के इस सख्त रुख से माफिया खेमे में खलबली मची हुई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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