Tuesday , 14 July 2026

बदरीनाथ मंदिर में महापाप : मोबाइल के नीचे नोटों की गड्डी, कोर्ट के जेब में सोना-चांदी… ऐसे चोरी करता था आरोपी प्रमोद नौटियाल?

चमोली/बदरीनाथ। भू-वैकुंठ और हिंदुओं के पवित्र चार धामों में से एक श्री बदरीनाथ मंदिर में आस्था को शर्मसार करने वाला एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंदिर में भक्तों द्वारा श्रद्धा से चढ़ाए गए दानपात्र (थाली भेंट) के पैसों की गिनती के दौरान चोरी करने के मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को माननीय अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के सरकारी पीए और मंदिर के प्रोटोकॉल अधिकारी हैं।

ज्योतिर्मठ कोर्ट में बदरीनाथ पुलिस ने आरोपी अधिकारी को पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने खारिज करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर पुरसाड़ी जिला कारागार भेजने के आदेश दिए। चमोली पुलिस की संयुक्त टीम ने 12 जुलाई की देर रात करीब 10 बजे आरोपी नौटियाल को उसके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस तफ्तीश में जो खुलासे हुए हैं, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं।

मोबाइल के नीचे नोटों की गड्डी छिपाकर ऐसे करता था चोरी

पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) मदन सिंह बिष्ट और बदरीनाथ के इंस्पेक्टर महादेव उनियाल की अगुवाई वाली स्पेशल टीम ने जांच के दौरान मंदिर के सीसीटीवी (CCTV) की हार्ड डिस्क को अपने कब्जे में लिया था। जब इस फुटेज को खंगाला गया, तो आरोपी की चालाकी देखकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। जांच में साफ हुआ कि आरोपी प्रमोद नौटियाल बेहद शातिर अंदाज में मंदिर के नोट गणना कक्ष (काउंटिंग रूम) से पैसों पर हाथ साफ करता था।

सीसीटीवी में कैद हुआ कि आरोपी गणना कक्ष में टेबल पर रखे अपने मोबाइल के नीचे बड़ी सफाई से 500 रुपये के नोटों की गड्डी दबा लेता था। इसके बाद वह फोन उठाने के बहाने गड्डी समेत चालाकी से कमरे से बाहर निकल जाता और पैसों को सुरक्षित ठिकाने पर रखने के बाद दोबारा आकर गिनती में शामिल हो जाता। 2 जुलाई को उसने इस प्रक्रिया को कई बार अंजाम दिया। किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो, इसके लिए वह खुद भी अन्य कर्मचारियों के साथ बैठकर नोटों की गड्डियां बनाने का नाटक करता था। इतना ही नहीं, वीडियो फुटेज में आरोपी एक लिफाफे में सोने-चांदी के सिक्के और बेहद पवित्र मानी जाने वाली शालिग्राम शिला को अपने कोट की जेब में छिपाकर ले जाता हुआ भी साफ दिखाई दिया है।

महीनों से चल रहा था आस्था से खिलवाड़, रसूख के आगे चुप थे कर्मचारी

पुलिस की गहराई से चल रही तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी प्रमोद नौटियाल ने सिर्फ 2 जुलाई को ही इस घिनौने काम को अंजाम नहीं दिया, बल्कि 29 जून की सीसीटीवी फुटेज में भी वह इसी तरह से नोटों के बंडल पर हाथ साफ करते हुए रंगे हाथों कैद हुआ है। सूत्रों का दावा है कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी और चोरी का यह खेल पिछले काफी लंबे समय से धड़ल्ले से चल रहा था।

हैरान करने वाली बात यह है कि मंदिर के अन्य छोटे कर्मचारी भी इस बात को अच्छी तरह जानते थे, लेकिन प्रमोद नौटियाल के ऊंचे रसूख, मंदिर समिति के आला अधिकारियों से नजदीकी और उसके दबदबे के खौफ के कारण कोई भी कर्मचारी उसके खिलाफ मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। पुलिस ने अब आरोपी के कमरे से उसका सरकारी लैपटॉप भी जब्त कर लिया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से इस लैपटॉप के डिलीटेड डेटा और फाइलों को खंगाल रही है, जिससे इस महाघोटाले में कई और बड़े राज खुलने की पूरी उम्मीद है।

नार्को टेस्ट की उठी मांग, मंदिर समिति बोर्ड को भंग करने की पैरवी

इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है और मंदिर प्रबंधन पर तीखे सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल रतूड़ी ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बदरीनाथ मंदिर में इस यात्रा सीजन के दौरान यह सिर्फ कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि आस्था पर सरेआम डाका डाला जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी बड़े राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के इतना बड़ा अधिकारी इतनी बेखौफ चोरी नहीं कर सकता।

कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की है कि सच को सामने लाने के लिए आरोपी प्रमोद नौटियाल का तुरंत ‘नार्को टेस्ट’ (Narco Test) कराया जाना चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि बदरीनाथ धाम के चढ़ावे की इस बड़ी चोरी के पीछे और कौन-कौन से प्रभावशाली व सफेदपोश लोग शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि जब तक इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के वर्तमान बोर्ड को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया जाना चाहिए, ताकि बड़े पदों पर बैठे लोग जांच को प्रभावित न कर सकें।

 

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