Friday , 7 August 2026

‘मेरे अंदर शैतान जाग गया था…’ नरसिंहपुर में 8 साल की बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या, पुलिस की सख्ती से टूटा आरोपी

नरसिंहपुर। “मेरे अंदर का शैतान जाग गया था…” मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले में आरोपी का यह खौफनाक कबूलनामा हर किसी को सन्न कर रहा है। गोटेगांव में अपनी हवस का शिकार बनाने के लिए एक दरिंदे ने आठ साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी बच्ची को झूठा झांसा देकर स्कूल से जंगल ले गया, जहां उसके साथ हैवानियत की। जब बच्ची दर्द से चीखने लगी तो उसने गला दबाकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर दी और साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया। हद तो तब हो गई जब हत्या के बाद आरोपी खुद गांव वालों के साथ बच्ची को ढूंढने का नाटक करता रहा।

घटना से भड़का लोगों का गुस्सा, गोटेगांव बंद और कैंडल मार्च

इस बर्बर घटना के सामने आते ही पूरे मध्य प्रदेश में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। घटना के विरोध में गोटेगांव पूरी तरह से बंद रहा और स्थानीय नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला। हर तरफ से आरोपी को जल्द से जल्द फांसी दिए जाने की मांग उठ रही है। इस खौफनाक वारदात ने लोगों को साल 2018 के बहुचर्चित कठुआ कांड की दर्दनाक याद दिला दी है। इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गोटेगांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पिता का नाम लेकर स्कूल से फुसलाया

पूरा घटनाक्रम 5 अगस्त की दोपहर का है, जब आठ साल की मासूम बच्ची रोज की तरह पढ़ाई करने स्कूल गई थी। छुट्टी के समय पड़ोस में रहने वाला युवक अनिल यादव उर्फ अन्नू स्कूल पहुंचा और बच्ची से कहा कि उसके पिता ने उसे तुरंत घर बुलाया है। मासूम ने अपने शिक्षक को यही बात बताई, अपना बैग क्लास में रखा और उसके साथ चली गई। परिजनों को जब काफी देर तक बच्ची के घर न पहुंचने पर अनहोनी का अंदेशा हुआ, तो उन्होंने रिश्तेदारी और आसपास काफी खोजबीन की। कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने झौतेश्वर पुलिस चौकी पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

8 घंटे का सर्च ऑपरेशन और जंगल से मिला शव

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. ऋषिकेश मीना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) संदीप भूरिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रात में ही ग्रामीणों और पुलिस की संयुक्त टीमों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। डॉग स्क्वॉड, FSL टीम और तकनीकी सर्विलांस की मदद से जंगलों व खेतों का कोना-कोना छाना गया। करीब 8 घंटे की मशक्कत के बाद गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में एक पानी से भरे गड्ढे से बच्ची का शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई है।

तलाशी में शामिल होने का नाटक, पुलिस की सख्ती से टूटा आरोपी

जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का शक अनिल यादव पर गहराया, क्योंकि उसे ही आखिरी बार बच्ची के साथ देखा गया था। पुलिस ने जब अनिल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने माना कि वह बहला-फुसलाकर बच्ची को जंगल ले गया था और जब मासूम चिल्लाने लगी तो पकड़े जाने के डर से उसने उसका गला घोंट दिया। इसके बाद शव को गड्ढे में फेंककर वह गांव आ गया और निर्दोष बनने के लिए परिजनों के साथ खोजबीन का नाटक करने लगा।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस, SIT गठित

गुरुवार सुबह जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान अस्पताल के बाहर जमा भीड़ ने आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन ने आरोपी अनिल यादव के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट, बलात्कार और हत्या की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की तेजी से जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

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