बांग्लादेश में राजनीतिक संकट और हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के पुश्तैनी घर को निशाना बनाया गया है।
बुधवार देर रात मागुरा शहर के केशवमोर इलाके में स्थित शाकिब के घर पर उपद्रवियों ने पेट्रोल बम फेंके और जमकर तोड़फोड़ की। यह घटना उस समय हुई जब नई दिल्ली के ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब’ (FCC) में शेख हसीना की एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी, जिसमें शाकिब अल हसन भी शामिल हुए थे।
अवामी लीग का आरोप: ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की चुकाई कीमत’
घटना के बाद अवामी लीग की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी ने बयान जारी कर कहा:
“घरों को आग के हवाले करना अवामी लीग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की कीमत है। बांग्लादेश पर इस वक्त नव-फासीवाद का साया मंडरा रहा है।”
अवामी लीग ने मौजूदा अंतरिम व्यवस्था पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की आड़ में अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सोची-समझी साजिश के तहत अत्याचार और हिंसा की जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले मीडिया को दी गई थी धमकी
जानकारी के मुताबिक, इस वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी पार्टियों (BNP, इस्लामी जमात और NCP) ने राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों को खुलेआम चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि शेख हसीना की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की खबरों को प्रमुखता से छापा या दिखाया गया, तो वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे और अदालती कार्यवाही करेंगे।
‘मैं दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी’: शेख हसीना का बड़ा ऐलान
बुधवार को शेख हसीना सरकार के तख्तापलट को दो साल (अगस्त 2024 से अगस्त 2026) पूरे हो गए। इस मौके पर 78 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत से वर्चुअली जुड़कर बड़ा ऐलान किया।
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दिसंबर में वापसी का संकल्प: उन्होंने कहा कि वे इसी साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का पक्का इरादा बना चुकी हैं।
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मौत या जेल का डर नहीं: हसीना ने कहा, “मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी हत्या भी करवा सकते हैं। लेकिन मेरा लौटना सत्ता के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और खुशहाली की राह पर वापस लाने के लिए है।”
ढाका की भारत पर नाराजगी: ‘द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा असर’
नई दिल्ली में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
विदेश मंत्रालय ने ट्वीट (X) कर कहा कि ढाका को इस बात का गहरा अफसोस है कि भारत सरकार को पहले से सूचित किए जाने के बावजूद इस कार्यक्रम की अनुमति दी गई। बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार, फरार और गंभीर मामलों में आरोपी नेताओं को भारतीय मंच से लाइव संबोधन की अनुमति देने से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिशों को झटका लग सकता है।
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