Thursday , 17 September 2026

‘हम भारत की सैन्य ताकत का सम्मान करते हैं’: पाकिस्तान के शीर्ष जनरल ने मानी नई दिल्ली की श्रेष्ठता, आर्म्स रेस से खींचे हाथ; मिसाइल-एयर डिफेंस में भारत की लंबी छलांग

भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराने तनावपूर्ण रिश्तों और लगभग ठप पड़े राजनयिक संवाद के बीच पड़ोसी मुल्क की सेना के सुर अचानक बदलते दिखे हैं। पाकिस्तान सेना के शीर्ष प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने सार्वजनिक रूप से भारत की तेजी से बढ़ती आधुनिक सैन्य ताकत का लोहा माना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद नई दिल्ली के साथ हथियारों की किसी भी होड़ (आर्म्स रेस) में शामिल होने की स्थिति में नहीं है। पाकिस्तान की ओर से आया यह कबूलनामा ऐसे वक्त में बेहद अहम माना जा रहा है, जब भारत अपनी रणनीतिक रक्षा क्षमताओं, स्वदेशी तकनीक और घातक एयर डिफेंस सिस्टम को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा चुका है।

पाकिस्तानी जनरल का बयान: ‘हथियारों की दौड़ में शामिल नहीं’ अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क ‘अल अरबिया इंग्लिश’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता से भारत के अत्याधुनिक एयर डिफेंस, मिसाइल शस्त्रागार और पारंपरिक हमलावर क्षमता पर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान भारतीय सैन्य क्षमताओं का पूरा सम्मान करता है और यह समझता है कि नई दिल्ली अपने शस्त्रागार को आधुनिक बनाने के लिए भारी वित्तीय संसाधन और पूंजी क्यों खर्च कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान केवल अपनी बुनियादी रक्षात्मक जरूरतों पर ध्यान दे रहा है और उसका इरादा आक्रामक होने का बिल्कुल नहीं है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि उनका देश भारत के साथ हथियारों की अंधी दौड़ का हिस्सा नहीं बन सकता।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोहरे मोर्चे की मजबूत तैयारी पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व की यह लाचारी भारत के उस आक्रामक रणनीतिक रुख का नतीजा है, जिसने हाल के वर्षों में गति पकड़ी है। पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से भारत ने सीमा पर सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है। ‘टू-फ्रंट वॉर’ यानी चीन और पाकिस्तान के दोहरे खतरे से एक साथ निपटने के लिए भारत ने अपनी पारंपरिक और मिसाइल मारक क्षमता को धार दी है। मई 2025 में 1,460 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ‘नवदुर्गा डिफेंस टेस्टिंग रेंज’ की नींव रखी गई। वहीं जुलाई 2026 में महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट कुशा’ के तहत 400 किलोमीटर रेंज वाली स्वदेशी लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (LRSAM) का सफल पहला उड़ान परीक्षण किया गया, जो दुश्मन के किसी भी हवाई हमले को पलक झपकते नेस्तनाबूद करने में सक्षम है।

अग्नि, आकाश और ब्रह्मोस से तैयार हुआ अभेद्य सुरक्षा कवच भारतीय सेनाओं की सुरक्षा ढाल को मजबूत करने के लिए आकाश, नेक्स्ट जनरेशन आकाश (Akash-NG), त्वरित प्रतिक्रिया वाली QRSAM और कम दूरी की VSHORADS मिसाइलों को बड़े पैमाने पर तैनात किया गया है। भारत-रूस के साझा उपक्रम वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और भारत-इजरायल की संयुक्त MRSAM प्रणाली ने भारतीय वायुसीमा को अभेद्य बना दिया है। इसके अतिरिक्त, डीआरडीओ की पारंपरिक मिसाइल तकनीकों को भारतीय निजी रक्षा कंपनियों को सौंपने की मंजूरी से देश में रक्षा उत्पादन की रफ्तार दोगुनी हो गई है। वहीं, रणनीतिक मोर्चे पर परमाणु क्षमता से लैस लंबी दूरी की अग्नि सीरीज और पनडुब्बियों से दागी जाने वाली के-सीरीज की बैलिस्टिक मिसाइलें भारत के परमाणु निवारक (Nuclear Deterrence) को किसी भी विरोधी के लिए अचूक चुनौती बनाती हैं।

सुपर सुखोई, Su-57 और S-500: रूस के साथ मेगा डिफेंस डील पर नजर भारत जहां ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं रूस के साथ उसकी सामरिक साझेदारी भी नई ऊंचाइयां छू रही है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली दौरे के बाद दोनों देशों के बीच 260 Su-30MKI लड़ाकू विमानों के लिए करीब 11 अरब डॉलर के ‘सुपर सुखोई’ अपग्रेडेशन पर बातचीत निर्णायक चरण में है, जिसके पहले चरण में 84 फाइटर जेट्स को आधुनिक इंजन और रडार से लैस किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रूस ने भारत को पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर Su-57 का संयुक्त उत्पादन, अतिरिक्त S-400 मिसाइल रेजिमेंट, नेक्स्ट-जेन S-500 सिस्टम और भारत में ही S-400 का MRO (रखरखाव व मरम्मत) हब स्थापित करने का बड़ा प्रस्ताव दिया है। दूसरी तरफ, आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान अपनी सैन्य जरूरतों के लिए पूरी तरह चीन और तुर्की पर निर्भर होकर रणनीतिक तौर पर काफी पीछे छूट चुका है।

 

Check Also

यूपी चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस में सीट शेयरिंग पर रार: कांग्रेस मांग रही 100 सीटें, अखिलेश बोले- ‘जीत पक्की तो टिकट तय’; राजभर-निषाद पर सपा का सख्त फरमान

उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन …