लखनऊ। राजनीति के गलियारों में शह और मात का खेल चलता रहता है, लेकिन मौत की दहलीज पर आकर सत्ता और सियासत के सारे रंग फीके पड़ जाते हैं। लखनऊ के भैंसाकुंड घाट पर जब समाजवादी पार्टी के संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की चिता सुलग रही थी, तो वहां कोई ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष’ या ‘पूर्व …
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