Monday , 24 August 2026

लोकसभा में पेश हुआ सख्त ‘पेपर लीक विरोधी बिल’: हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री ने रखा विधेयक; 10 साल की सजा और ₹50 लाख जुर्माने का प्रावधान

नई दिल्ली। देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक विवाद के बीच सोमवार को संसद में बड़ा कदम उठाया गया। विपक्षी सांसदों के भारी हंगामे, नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश कर दिया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस अहम विधेयक को सदन के पटल पर रखा, जिसे ध्वनि मत से पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

हालांकि, विपक्ष के गतिरोध के कारण बिल पर विस्तृत चर्चा और मतदान होना अभी बाकी है। इससे पहले विपक्ष इस जिद पर अड़ा था कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और सरकार छात्रों से माफी नहीं मांगती, तब तक किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं होने दी जाएगी।

10 साल तक की जेल और ₹50 लाख जुर्माना, 2 महीने में जांच होगी पूरी

लोकसभा सदस्यों को वितरित किए गए संशोधन विधेयक के मसौदे के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने, धांधली करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले गिरोहों और दोषियों के खिलाफ बेहद कठोर प्रावधान किए गए हैं:

  • कड़ी सजा: दोषियों को न्यूनतम 5 साल से लेकर अधिकतम 10 साल तक की सख्त कैद की सजा हो सकती है।

  • भारी जुर्माना: अपराधियों पर ₹50 लाख तक का आर्थिक जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

  • समयबद्ध जांच: प्रस्तावित संशोधनों के तहत मामले से जुड़ी सभी प्रकार की जांच को 2 महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट: विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित (फास्ट ट्रैक) अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया गया है, जो चार्जशीट दाखिल होने के महज 3 महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी करेंगी।

‘मोदी-शाह माफी मांगें’ के नारों से गूंजा सदन, 2 बजे तक कार्यवाही स्थगित

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद हाथों में तख्तियां लेकर वेल में आ गए और “मोदी-शाह छात्रों से माफी मांगें” के जोरदार नारे लगाने लगे। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के महज 5 मिनट के भीतर ही भारी हंगामे के चलते दोनों सदनों को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा था।

दोपहर 12 बजे जब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बिल पेश किया, तब भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। लगातार होते शोर-शराबे और अव्यवस्था को देखते हुए अध्यक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए फिर स्थगित कर दिया।

‘छात्रों के भविष्य से जुड़ा है बिल, ध्यान न भटकाए विपक्ष’: किरण रिजिजू

विपक्ष के आक्रामक रुख पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से अपील करते हुए कहा, “इस समय देश की सबसे बड़ी प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाना है। सरकार छात्रों के हित में यह अत्यंत महत्वपूर्ण संशोधन बिल लेकर आई है। विपक्ष को इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सदन का ध्यान भटकाने से बचना चाहिए और चर्चा में भाग लेना चाहिए।” 

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