
सीतापुर : ‘मियां-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी’… यह पुरानी कहावत उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक नए और हैरान कर देने वाले मोड़ पर पहुंच गई है। यहां एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जहां पति-पत्नी और पत्नी का आशिक तीनों आपसी सहमति से एक साथ एक ही घर में रहने को राजी हैं। लेकिन इस अजीबोगरीब त्रिकोणीय रिश्ते का परिवार वाले पुरजोर विरोध कर रहे हैं। परिजनों की नाराजगी और तकरार के बाद यह हाई-वोल्टेज ड्रामा घर की चौखट लांघकर महमूदाबाद कोतवाली तक पहुंच गया है।
थाने में घंटों चली पंचायत, तीनों ने साथ रहने की खाई कसमें महमूदाबाद कोतवाली परिसर में शुक्रवार को उस वक्त पुलिसकर्मी और अन्य लोग हैरान रह गए, जब पति शुभम वर्मा, उसकी पत्नी अंजू और प्रेमी नितिन अपने रिश्ते की पैरवी करने पहुंचे। तीनों पक्षों के बीच कोतवाली में घंटों लंबी नोकझोंक और पंचायत चलती रही। अंजू ने दो टूक कहा कि वह अपने पति शुभम और प्रेमी नितिन दोनों के साथ ही रहेगी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पति शुभम ने भी इस पर कोई ऐतराज नहीं जताया और कहा कि उसे पत्नी व उसके प्रेमी के साथ एक ही छत के नीचे रहने में कोई परेशानी नहीं है।
दंपती के हैं दो बच्चे, परिवार छोड़ अलग बसने को तैयार दंपती के दो मासूम बच्चे भी हैं। शुभम और अंजू दोनों का कहना है कि वे बच्चों के साथ नितिन को भी अपने परिवार का हिस्सा बनाकर रखेंगे। शुभम का कहना है कि वह अपनी पत्नी और नितिन का साथ किसी भी हाल में नहीं छोड़ेगा, चाहे इसके लिए उसे अपना खानदानी मकान और परिवार ही क्यों न छोड़ना पड़े। वहीं, पत्नी अंजू भी इस फैसले पर पूरी तरह अडिग है और उसने भी साफ कर दिया है कि वह दोनों में से किसी का भी साथ छोड़ने को तैयार नहीं है।
दोस्त और भाई जैसा था रिश्ता, फिर शुरू हुआ त्रिकोणीय खेल मिली जानकारी के मुताबिक, नितिन का पहले से शुभम के घर आना-जाना था और वह अक्सर वहीं रुकता भी था। शुभम उसे अपने भाई जैसा मानता था और दोनों साथ बैठकर खाना खाते थे। धीरे-धीरे नितिन की नजदीकियां अंजू से बढ़ गईं और यह त्रिकोणीय प्रेम संबंध में बदल गया। महिला का दावा है कि शुरुआत में परिवार के लोग तीनों के एक साथ रहने पर सहमत थे, लेकिन अब उन्होंने घर में रखने से साफ इनकार कर दिया है और लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।
परिजनों ने किया कड़ा विरोध, इलाके में बना चर्चा का विषय मामला थाने पहुंचने के बाद महमूदाबाद कोतवाली प्रभारी भानू प्रताप सिंह ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाने और कानूनी व सामाजिक मर्यादाओं का हवाला देकर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन तीनों अपनी जिद पर अड़े रहे। पुलिस के अनुसार, मामले में परिजनों की ओर से एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया है, हालांकि किसी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। यह अजीबोगरीब मामला अब पूरे क्षेत्र और सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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